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‘India,s most wanted’ का सुहैब इलियासी पत्नी की हत्या का दोषी करार, 20 दिसंबर को सज़ा पर फैसला

दिल्ली की कड़कडूमा कोर्ट ने शनिवार को टीवी धारावाहिक  ‘इंडियाज़ मोस्ट वांटेड’ के निर्माता व एंकर सुहैब इलियासी को उनकी पत्नी की हत्या का दोषी करार दिया है। सुहैब पर अपनी पत्नी अंजू इलियासी की हत्या का केस चल रहा था। कोर्ट अब 20 दिसंबर को सजा का फैसला सुनाएगी।

गौरतलब है कि 11 जनवरी, 2000 को सुहैब के घर पर पत्नी अंजू की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मर्डर करने के लिए दोषी ने कैंची का इस्तेमाल किया था। 28 मार्च, 2000 को पुलिस ने सुहैब को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद सुहैब के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व दहेज हत्या की धाराओं के तहत आरोप तय किए गए थे।

जांच में सामने आया था कि दोनों के बीच दहेज को लेकर आपसी झगड़े की वजह से सुहैब ने पत्नी की हत्या कर दी थी। हत्या को अंजाम देने के दौरान उसने अंजू की महिला मित्र रीता को फोन कर कहा कि अंजू ने आत्महत्या कर ली है। इसके बाद सुहैब की साली और सांस ने दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। 

अंजू इलियासी की मौत के बाद से ही उनकी मां रुकमा सिंह इस घटना को हत्या बता रही थीं। उनका कहना था कि उनकी बेटी को सुहेब कम दहेज लाने के कारण प्रताड़ित किया करता था। अंजू की विदेश में रह रही बहन ने भी इस बाबत यही बयान दर्ज कराया था। रुकमा सिंह लगातार दहेज हत्या के मामले को हत्या में तब्दील कराने के लिए अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ती रहीं। आखिरकार अंजू की मौत के 14 साल बाद 31 अगस्त 2014 को दिल्ली हाईकोर्ट ने रुकमा सिंह के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए सुहेब इलियासी के खिलाफ हत्या का मुकदमा चलाने को मंजूरी दी थी। इसके बाद नए सिरे से हुई सुनवाई के तहत अदालत ने अब सुहेब को अंजू इलियासी की हत्या का दोषी ठहराया है।

सुहेब इलियासी व अंजू वर्ष 1989 में जामिया मिलिया इस्लामिया में एक साथ पढ़ रहे थे। तभी दोनों के बीच प्रेम संबंध बने। आईआईटी कानपुर में अधिकारी अंजू के पिता इन दोनों के प्रेम संबंधों के खिलाफ थे। इसके बावजूद सुहेब व अंजू ने वर्ष 1993 में लंदन में विशेष विवाह अधिनियम के तहत प्रेम विवाह किया था। अंजू ने अपना नाम बदलकर अफसान रख लिया था। मगर वर्ष 2000 आने तक दोनों के संबंधों में खटास बढ़ने लगी थी। अंजू सुहेब से तलाक लेना चाहती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़े हो रहे थे। घटना के समय इनकी एक ढाई साल की बेटी भी थी।

मुख्य संवाददाता
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