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बीएसपी ने यूपी से राज्यसभा के लिए पूर्व विधायक भीमराव अंबेडकर को बनाया प्रत्याशी, मायावती ने कहा- परिवारवाद के खिलाफ है बीएसपी, आनंद कुमार को लेकर फैलाई गई अफवाह

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए सरगर्मी तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में सबसे पहले बीएसपी ने अपना प्रत्याशी का नाम घोषित कर बाजी मार ली है। प्रत्याशी घोषित किए जाने को लेकर लगाए जा रहे सभी पूर्व अनुमानों को बीएसपी ने खारिज करते हुए पार्टी के पुराने,कर्मठ और दलित समाज से ताल्लुक रखने वाले पूर्व विधायक भीमराव अंबेडकर को राज्यसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश से प्रत्याशी बनाया है। ये जानकारी मंगवार को लखनऊ से जारी बीएसपी की प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है।


बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मंगलवार को लखनऊ में स्थित पार्टी कार्यालय में बीएसपी के विधायकों के साथ अहम बैठक की। जिसमें राज्यभा और विधान परिषद चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की गई। इस अहम बैठक के बाद बीएसपी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए इटावा के निवासी और औरैया से विधायक रह चुके भीमराव अंबेकर को यूपी से राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इस संबंध में बीएसपी की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है पार्टी नेतृत्व हमेशा की तरह परिवारवाद के खिलाफ अपने उसूलों और सिद्धांतों पर अडिग है। प्रेस नोट में ये भी कहा गया है कि पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने विभिन्न आग्रहों और अनुरोधों के बावजूद ख़ुद राज्यसभा में चौथी बार चुनकर जाने के बजाय हमेशा की तरह ही पार्टी के पुराने कर्मठ और मूवमेंट को समर्पित कार्यकर्ता और बीएसपी के पूर्व विधायक भीमराव अंबेडकर को राज्यसभा के चुनाव में अपनी पार्टी का उम्मीदवार बनाया है। प्रेस नोट में ये भी कहा गया है कि पार्टी नेतृत्व के इस मिशनरी फैसले का हर स्तर पर व्यापक स्वागत किया गया है। साथ ही जमीनी स्तर पर इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा भी की जा रही है।

  

बीएसपी के प्रेस नोट में ये भी कहा गया है कि सत्ताधारी बीजेपी और कुछ जादिवादी मीडिया ग्रुप ने राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर पार्टी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार के नाम को लेकर अफवाह फैलाने की कोशिश की थी, जिस पर अब बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने विराम लगा दिया है। प्रेस नोट के जरिये ये भी स्पष्ट किया गया है कि पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उनके छोटे भाई आनंद कुमार जो पार्टी का
राजनीतिक नहीं बल्कि एग्जीक्यूटिव कार्य ही देखते हैं।
   


मायावती ने बीएसपी के विधायकों की बैठक में कहा कि बीजेपी की कुंठाग्रस्त सियासत को फेल करने कि लिए मौजूदा समय में बीएसपी और एसपी की ओर से अपनाई गई रणनीति कारगर साबित होगी।

   

आपको बता दें कि राज्यसभा के लिए यूपी कोटे की 10 सीटों पर 23 मार्च को चुनाव होने हैं। इनमें से 8 सीटों पर बीजेपी और 1 सीट पर एसपी की जीत तय है। जबकि एसपी और अन्य विपक्षी दलों के सहयोग से बीएसपी को 1 सीट पर जीत की उम्मीद है। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए 1 प्रत्याशी को 37 विधायकों के वोट चाहिए। मौजूदा समय में यूपी विधानसभा में कुल 403 विधायक हैं, जिनमें बीजेपी के 311, बीजेपी के सहयोगी दलों के 13, एसपी के 47, बीएसपी के 19, आरएलडी का 1 और कांग्रेस के 7 विधायक हैं। ऐसे में बीएसपी को एसपी के 10. कांग्रेस के 7 और आरएलडी के 1 विधायक का समर्थन मिल सकता है। 


ओम प्रकाश
ओम प्रकाश
ब्यूरो चीफ
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