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संविधान जलाने वाले संगठन यूथ फॉर इक्विलिटी के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

नई दिल्ली- दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान संविधान की कॉपी जलाने और बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर के विरोध में नारे लगाने के आरोप में यूथ फॉर इक्विलिटी संगठन के कुछ सदस्यों के खिलाफ संसद मार्ग थाने एफआईआर दर्ज कराई गई है।

अखिल भारतीय भीम सेना के राष्ट्रीय प्रभारी अनिल तंवर ने संसद मार्ग पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि यूथ फॉर इक्वालिटी के सदस्यों ने संविधान की प्रति जलाई और  डॉ अंबेडकर के खिलाफ नारे भी लगाए गए। पुलिस ने जानकारी दी कि शिकायतकर्ता ने घटना की एक वीडियो सीडी भी सौंपी है, आपको बता दें कि संविधान जलाने के लिए तीन साल की जेल की सजा तक का प्रवाधान है और संविधान का अनादर करने पर विशेष स्थितियों में आरोपी की नागरिकता तक छीनी जा सकती है।

गौरतलब है कि 9 अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर यूथ फॉर इक्विलिटी के सदस्यों ने संविधान की प्रति जलाई थी जिसका देशभर में कड़ा विरोध हो रहा है। यूथ फॉर इक्विलिटी के सदस्यों ने संविधान की प्रति जलाते हुए बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विरोध में नारेबाजी की थी। यूथ फॉर इक्विलिटी के सदस्यों के इस कृत्य के बाद से देशभर में रोष का माहौल है। हालांकि अभी तक आरोपियों पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

संसद में एससी/एसटी बिल पारित होने के बाद इस घटना को अंजाम दिया गया। उस दौरान पुलिस भी मौजूद थी लेकिन आरक्षण विरोधी खेमा नारेबाजी करते हुए संविधान की प्रतियां जला रहा था। दरअसल 20 मार्च को सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने एक मामले पर फैसले के दौरान एससी/एसटी एक्ट में गिरफ्तारी संबंधी प्रावधानों को कमजोर कर दिया था। इसके विरोध में दलित संगठनों ने 2 अप्रैल को भारत बंद रखा था। 

बीजेपी के दलित सांसदों ने भी सरकार पर दवाब बनाया और नौ अगस्त को भारत बंद बुलाया था। इनकी मांग थी कि मोदी सरकार बिल लाकर इस पर मजबूती वाला कानून बनाए। दबाव में आई मोदी सरकार ने संसद में बिल पारित करा दिया। इसके बाद से ही आरक्षण विरोधी व दलित विरोधी ताकतें गुस्से में हैं। इसके विरोध में ही यूथ फॉर इक्विलिटी के सदस्यों द्वारा इस कृत्य को अंजाम दिया गया है।

मुख्य संवाददाता
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