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वरिष्ठ पत्रकार जगदीश पंवार समेत तीन पत्रकारों को जान से मारने की धमकी

आज़ादी के बाद क्या इतना भयावह माहौल कभी रहा है, जहां लोकतंत्र और राष्ट्रवाद के नाम पर सबक सीखाने की धमकियां दी जा रही हैं, खुलेआम हमले हो रहे हैं, हत्याएं हो रही हैं। अभी गौरी लंकेश, राजदेव रंजन और शांतनू भौमिक की हत्याओं के मामले ठंडे भी नहीं हुए थे कि दलित लेखक कांचा इलैया को धमकियां मिलनी शुरू हो गईँ और उनपर हमला भी कर दिया गया। जिन्होंने थाने में शरण लेकर अपनी जान बचाई। अभी इन सब मुद्दों पर से चर्चा हटी भी नहीं थी कि दिल्ली प्रेस के वरिष्ठ पत्रकार जगदीश पंवार और दिल्ली के ही अलग-अलग संस्थानों के तीन अन्य पत्रकारों को भी जान से मारने की धमकी का मैसेज मिला है।  

दिल्ली प्रेस के वरिष्ठ पत्रकार जगदीश पंवार को धमकी भरा मैसेज मिला है कि सुधर जाओ वरना तुम्हें बैंगलुरु की पत्रकार गौरी लंकेश की तरह अंजाम भुगतना होगा। 17 सितंबर को उन्हें एक अनजान नंबर से व्हाटसएप पर एक मैसेज मिला, जिसमें उन्हें मोदी सरकार, भाजपा और संघ तथा हिंदू विरोध में लिखने पर गौरी की तरह मिटा देने की धमकी दी गई है।  

मैसेज में जो लिखा था वह इस प्रकार है,‘‘ गौरी लंकेश को क्यों मारा ? गौरी लंकेश एक पत्रकार थीं। उस का बेंगलुरू में हिंदूवादी ताकतों ने कत्ल कर दिया। प्रश्न उठता है कि  हिंदूवादी ताकतों ने एक हिंदू पत्रकार को क्यों मारा ? क्योंकि गौरी लंकेश मोदी सरकार के खिलाफ लिखती थीं, गौरी आरएसएस और भाजपा के खिलाफ लिखती थीं। गौरी गद्दार थीं। वो राष्ट्रविरोधी और हिंदू विरोधी थी। अब अगर इस देश में कोई भी व्यक्ति मोदी जी के खिलाफ या आरएसएस या भाजपा के खिलाफ लिखने की हिम्मत करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मुसलमानों के साथ साथ ऐसे गद्दारों को भी मिटा देंगे.’’  


जगदीश पंवार जी ने बताया कि जिस अनजान मोबाइल नंबर 8104970579 से मैसेज मिला था वो लगातार स्विच ऑफ आ रहा है। और इस पर भेजे गए मैसेज का कोई जवाब नहीं दिया गया।

दरअसल पिछले कुछ दिनों में देश में चल रहे हालातों पर जगदीश के कई लेख सरिता पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं, जिनमें मोब लिंचिंग को लेकर ‘धर्मजनित भीडतंत्र का खतरा,’ ‘लोकतंत्र पर हावी धर्मतंत्र’, ‘विकास की सुर्खियां गायब’, ‘जीएसटी-क्या काले धन पर रोक लग पाएगी?’, नस्लवाद का नासूर’, ‘मोदी ट्रंप मुलाकात-दुनिया से अलग थलग पड़ते भारत और अमेरिका’, ‘युवा नेता हैं कहां ?’,‘सत्तर साल की आजादी में औरत कितनी आजाद’, ‘गुरमीत राम रहीम कथा-आस्था का धंधा’ और ‘गौरी लंकेश की हत्या-असहमति के स्वर खामोश’ प्रमुख हैं।  

सूत्रों के मुताबिक इस तरह की धमकी दिल्ली, एनसीआर के तीन अन्य पत्रकारों को भी मिली है, टाइम्स औफ इंडिया के पत्रकार के अलावा नोएडा के एक टीवी चैनल, एक न्यूज पोर्टल का पत्रकार भी शामिल है। पत्रकारों को भेजा गया संदेश एक जैसा है और एक ही समय में भेजा गया है। तीनों पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है।  दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता मधुर वर्मा का कहना है कि मामला साइबर सेल को सौंप दिया गया है और नंबर ट्रेस कर के जांच शुरू कर दी गई है ।  

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