img

राजस्थान- घोड़ी पर बैठने से गुस्साए जातिवादियों ने किया दलित दूल्हे के चाचा पर हमला, तोड़े पैर, घोड़ी पर ना बैठने की मिल रही थीं धमकियां

राजस्थान के सिरोही में दलित दूल्हे ने सोचा भी नहीं होगा कि वो 21वीं सदी के आजाद भारत में रह रहा है, उसे पिछले कुछ दिनों से घोड़ी पर ना बैठने की लगातार धमकियां मिल रहीं थीं, इन धमकियों की परवाह किए बिना वो घोड़ी पर चढ़ तो गया लेकिन शादी के 15 दिन बाद दबंगों ने दूल्हे के चाचा पर हमला कर उनके पैर ही तोड़ दिए।

अंडोर गांव निवासी कुइयाराम मेघवाल की शादी  18 फरवरी को हुई थी। गांव के ही जातिवादी मानसिकता रखने वाले राजपूतों ने घोड़ी पर न चढ़ने की सलाह दी थी। कुइयाराम के मुताबिक राजपूतों ने कहा था कि तुम तो मेघवाल हो, हम ठाकुर है, अगर तुम घोड़ी पर बैठोगे तो हमारी मर्यादा क्या रह जाएगी? धमकी से बेपरवाह होकर शादी के दिन घुइयाराम घोड़ी पर चढ़े। इससे नाराज गांव के राजपूतों ने 15 दिन बाद चाचा पाका राम पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया और उनका एक पैर तोड़ दिया। 

घटना के बाद पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत आईपीसी की धारा 307,365, 323, 341 के तहत आरोपियों पर केस दर्ज किया। पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि ग्रामीणों से हुई कहासुनी के चलते पाका राम पर हमला हुआ। कुइयाराम का कहना है कि धमकी के बारे में हमने पुलिस को सूचना दी थी, जिस पर शादी के दिन पुलिस की सुरक्षा में हम घोड़ी पर चढ़े। रिश्तेदार गोपाल कुमार ने कहा कि मेघवाल समुदाय में शादी के दौरान अब तक कोई घोड़ी पर नहीं चढ़ा, इस नाते हम घोड़ी पर चढ़कर नई पीढ़ी के लिए एक उदाहरण पेश करने वाले थे।

पलाड़ी थाना प्रभारी बिहारी लाल ने बताया कि पुलिस की सुरक्षा में बारात शांति से निकली। पता चला कि कुछ दिन पहले पाका राम ने कहा था कि ठाकुर बारात नहीं रोक सके, जिससे खुन्नस खाए लोगों ने मौका पाकर हमला किया। 

उन्होंने कहा कि अभियुक्त चेल सिंह ऊर्फ कुलदीप सिंह और भैरू सिंह राजपूत परिवारों से हैं। वे फरार हैं। पुलिस उन्हें खोज रही है। पुलिस उन्हें जल्द गिरफ्तार करेगी। गांव के दलितों का कहना है कि पाका राम पर हमला उनके लिए झटका है जो जातीय प्रथाओं से दूर होने की कोशिश कर रहे हैं। कुइयाराम ने कहा,’ मैं घोड़ी पर चढ़ने वाला गांव का पहला दलित था, इस घटना के बाद अब कोई फिर से ऐसी हिम्मत नहीं करेगा।’ उनका कहना है कि पुलिस प्रशासन को इनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए ताकि ओर लोगों की भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत बढ़ सके। 

मुख्य संवाददाता
मुख्य संवाददाता
मुख्य संवाददाता
PROFILE

' पड़ताल ' से जुड़ने के लिए धन्यवाद अगर आपको यह रिपोर्ट पसंद आई हो तो कृपया इसे शेयर करें और सबस्क्राइब करें। हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं। हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।

संबंधित खबरें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

0 Comments

मुख्य ख़बरें

मुख्य पड़ताल

विज्ञापन

संपादकीय

वीडियो

Subscribe Newsletter

फेसबुक पर हमसे से जुड़े