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उत्तरप्रदेश- जातिवादी टीचर ने छात्रा से पूछी जात, दलित होने के कारण आखिरी सीट पर बैठाया, दूसरे बच्चों से अलग रहने की दी हिदायत

उत्तरप्रदेश- मुजफ्फरनगर में एक दलित छात्रा ने अपनी शिक्षक पर जाति के आधार पर भेदभाव का आरोप लगाया है। ये मामला राज्य सरकार द्वारा सहायता प्राप्त सनातन धर्म इंटर कॉलेज का है, जहां कक्षा सात की एक दलित छात्रा से शिक्षक ने उसकी जाति पूछी और उसे क्लास की आखरी लाइन में बैठने को कहा। इतना ही नहीं छात्रा को ये हिदायत भी दी गई कि वह दूसरे वर्ग के बच्चों से अलग ही बैठे। इस मामले में लड़की के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी है।

लड़की के पिता का कहना है कि सनातन धर्म गर्ल्स इंटर कॉलेज से उनकी 13 वर्षीय बेटी को क्लास रूम की आखिरी लाइन में जबरन बैठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षक संतोष जैन ने लड़की को साफ-साफ कहा कि अगर वह फिर से आगे की लाइन में बैठेगी, तो उसे क्लास से बाहर निकाल दिया जाएगा। 

आरोपों के मुताबिक शिक्षक ने पीड़ित लड़की की जाति के बारे में कई बार पूछा। जब शिक्षक को पता चला कि छात्रा वाल्मीकि (दलित) समाज से है, तो उसे पीछे की लाइन में भेज दिया। घटना के बाद, लड़की के माता-पिता और रिश्तेदार स्कूल पहुंचे और ऐतराज जताया।  

जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लड़की के नाराज माता-पिता को शांत कराया। वहीं स्कूल की प्रिंसिपल रजनी गोयल ने इस तरह का मामला होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि मैंने आरोपी शिक्षक और दूसरे बच्चों से बात की। बच्चों ने बताया जिस लड़की के साथ जातिभेद की बात कही गई है, वह क्लास की अगली लाइन में बैठी हुई दूसरे बच्चों से बात करके उनको परेशान कर रही थी। 

प्रिंसिपल का कहना है कि वह लड़की आम तौर पर अगली लाइन में बैठकर बातें करती रहती है। इससे पढ़ाई में दिक्कत होती है, इसलिए शिक्षक ने लड़की को पीछे की तरफ भेजा था। इस मामले में मुजफ्फरनगर कोतवाली के एसआई समयपाल का कहना है कि एक शिकायती पत्र मिला है और जिसकी जांच की जा रही हैं। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

मुख्य संवाददाता
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