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उत्तरप्रदेश- रिकवरी एजेंट ने दलित किसान को ट्रेक्टर से कुचला

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में एक दलित किसान के प्रति संवेदनहीनता का मामला सामने आया है। जिसमें एक किसान ने ट्रेक्टर खरीदने के लिए करीब पांच लाख रुपए का लोन लिया था और उसमें से चार लाख पैंतीस हजार रुपए लौटा भी दिए थे, बाकी के 65000 हजार रुपए की रिकवरी करने के लिए गए ऐजेंट जबरन उसका ट्रेक्टर जब्त करने लगे और किसान को ट्रैक्टर से कुचल दिया जिसके बाद किसान की मौत हो गई।  


मृतक ज्ञानचंद के भाई ओमप्रकाश ने बताया कि बीते शनिवार कुछ रिकवरी एजेंट आए और बकाया पैसे की मांग करने लगे। उस वक्त ज्ञानचंद खेत में काम कर रहा था और ट्रैक्टर उसके पास था। रिकवरी एजेंट खेत में पहुंचकर बाकी पैसे मांगने लगे। एजेंट्स ने किसान से कहा कि या तो वह पैसे दे नहीं तो वे लोग ट्रैक्टर जब्त कर लेंगे। ज्ञानचंद ने जनवरी के आखिरी तक बकाया 65,000 रुपए जमा करने की बात कही, लेकिन फिर भी एजेंट्स नहीं माने और पैसे नहीं देने पर रिकवरी एजेंट जबरन ट्रैक्टर को ले जाने लगे। ज्ञानचंद ने उन्हें रोकने की कोशिश की और इसी दौरान वह ट्रैक्टर से नीचे गिर गया। जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

ज्ञानचंद की पत्नी ज्ञानवती ने बताया कि उसके पति ने लोन कंपनी को पहले चार लाख रुपए और इस साल जनवरी की शुरुआत में भी 35,000 रुपए कंपनी को दिए थे, लेकिन फिर भी कंपनी ने रिकवरी नोटिस जारी कर दिया। ज्ञानचंद की मौत के बाद परिवार पर भरण-पोषण का संकट आ गया है, किसान के पांच बेटियां हैं और विधवा पत्नी। 

इस घटना से गुस्साएं गांववालों ने धरना देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा जब तक कार्रवाई नहीं की जाएगी तब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं होगा। मौके पर पहुंचे जिला और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे और मामले की जांच करने का आश्वसन दिया तब जाकर गांववालों ने धरना खत्म किया।

पुलिस के अनुसार शिकायत मिलने के बाद 5 रिकवरी एजेंट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने बताया कि भउरी गांव के 45 साल ज्ञान चंद्र ने साल 2015 में फायनेंस कंपनी से 5 लाख रुपए का लोन लिया था। उसने साल 2017 तक फायनेंस कंपनी को 4 लाख रुपए और कुछ दिन पहले 35000 रूपए वापस कर दिए थे और करीब 65000 रुपए बकाया रह गए थे।

मुख्य संवाददाता
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