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दलितों के लिए बेदिल पुलिस, किस जनता की सेवा में लगी है ?

उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के गृह जनपद में खाकी का बेरहम चेहरा सामने आया है | जहां दबंगों की पिटाई से जख्मी हुआ घायल दलित युवक गुरुवार को एसपी के दफ्तर में घंटों तड़पते रहे। उसकी मां चीख-चीखकर इंसाफ मांगती रही पर लेकिन एसपी कौशाम्बी अपने दफ्तर से बाहर तक नहीं निकले, उन्होंने पीड़ितों से मिलना तक मुनासिब नहीं समझा।  

उत्तरप्रदेश में कौशांबी के कोखराज इलाके के कसिया पूरब गांव में बुधवार की शाम उमेश साइकिल पर गैहूं पिसवाने जा रहा था, अचानक साइकिल से गैहूं की बोरी गिर गई। तभी पड़ोस में खड़ा युवक उसका मजाक बनाने लगा। जब उमेश ने उसका विरोध किया तो उसने उमेश की पिटाई शुरु कर दी। और उसे इतना पीटा कि वो बेहोश हो गया और पांच घंटे तक होश में नहीं आया। पीड़ित की मां ने बताया कि वो बेहोशी की हालत में ही अपने बेटे को ट्रॉली में लादकर थाने ले गई।  

महिला का कहना है कि पुलिस वालों ने दो घंटे तक उसकी सुनी तक नहीं। इसके बाद मूरतगंज चौकी प्रभारी घायल को लेकर नजदीकी अस्पताल ले गए। इलाज के बाद रात 11 बजे उमेश को होश आया। और डॉक्टरों ने उमेश को घर भेज दिया। गुरुवार की सुबह उमेश की मां बेटे को लेकर शिकायत करने एसपी कार्यालय पहुंची लेकिन दफ्तर पहुंचते ही उमेश अचानक बेहोश होकर गिर गया और बेहोश होकर घंटे भर तक वहीं पड़ा रहा। इस दौरान उसकी मां दहाड़ मार-मार कर रोती रही। अमानवीयता की हद है कि एसपी ने पीड़ितों की फरियाद सुनना तक ठीक नहीं समझा।

घंटे भर बाद सीओ सिटी ने कोखराज एसओ से प्रकरण को लेकर बातचीत की। फिर जख्मी उमेश को इमरजेंसी वाहन से जिला अस्पताल भिजवा दिया। उमेश की मां सुमन देवी ने बताया कि एसपी कार्यालय आने से पहले वह कोखराज थाने गई थी। वहां एक दरोगा और दीवान ने उसे डांटकर भगा दिया। इसके बाद शिकायत लेकर एसपी के पास आना पड़ा। यहां भी इंसाफ नहीं मिल पाया। उल्टा पीड़ितों को ही ये कहकर डांटा जा रहा है, कि अब किसी को फांसी पर तो नहीं चढ़ा सकते। कौशाम्बी के एसपी अशोक कुमार पाण्डेय ने जानकारी दी कि कोखराज एसओ को जरुरी कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं। अब जब पुलिस ही पीड़ितों की नहीं सुनेगी और दबंगों का साथ देगी तो पीड़ित लोग किससे गुहार लगाएं।    

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