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पुलिस की थर्ड डिग्री से युवक की हालत गंभीर

औरंगाबाद (बुलंदशहर): चोरी के आरोप में हिरासत में लिए गए एक युवक को पुलिस ने इस कदर थर्ड डिग्री दी कि उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। वह दिल्ली के एक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। गुरुवार को युवक की मौत की झूठी सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। जाड़ौल चौकी से पुलिसकर्मी नदारद हो गए। पुलिस के चंगुल से छूटा दूसरा युवक लापता बताया जा रहा है। इस घटना से जहां ग्रामीणों में रोष व्याप्त है, वहीं पुलिस घटना पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है।

गुरुवार को युवक की मौत की झूठी सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। जाड़ौल चौकी से पुलिसकर्मी नदारद हो गए। पुलिस के चंगुल से छूटा दूसरा युवक लापता बताया जा रहा है। इस घटना से जहां ग्रामीणों में रोष व्याप्त है, वहीं पुलिस घटना पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है।

थाना खानपुर क्षेत्र के जाड़ौल गांव निवासी भरत सिंह के यहां चोरी हो गई थी। भरत ने गांव के ही दो युवकों पर चोरी का आरोप लगाते हुए दो जून को जाड़ौली पुलिस चौकी में तहरीर दी। बताया गया कि तीन जून की रात पुलिस ने नामजद गुड्डू पुत्र निर्मल सिंह व पुष्पेंद्र पुत्र नानक सिंह को हिरासत में लिया और चौकी ले आई। पुलिस ने थर्ड डिग्री कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों को बेरहमी से पीटा। गुड्डू की पत्‍‌नी उसे छुड़ाने के लिए रातभर गुहार लगाती रही, लेकिन पुलिस ने उसकी एक न सुनी। युवकों के परिजनों का आरोप है कि शराब के नशे में धुत पुलिसकर्मी दोनों युवकों को थर्ड डिग्री देते रहे। पुष्पेंद्र किसी तरह पुलिस के चंगुल से छूटकर रात में ही फरार हो गया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने ही उसे गायब किया है।

चार जून को पुलिस ने गुड्डू का शांतिभंग में चालान कर दिया, लेकिन परिजनों ने स्याना एसडीएम कोर्ट से उसकी जमानत करा ली। गुड्डू की खराब हालत देख परिजनों ने उसे बुलंदशहर जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे दिल्ली के एक अस्पताल में ले गए। जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। उधर, एसएसपी केबी सिंह का कहना है कि प्रकरण संज्ञान में नहीं है। जानकारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। 

कहां गया पुष्पेंद्र
भले ही पुलिसकर्मी पुष्पेंद्र को हिरासत से फरार होने की अफवाह फैला रहे हों, लेकिन उसके परिजन इसे हजम नहीं कर पा रहे हैं। वह कई बार चौकी पर पुष्पेंद्र की जानकारी लेने गए, लेकिन पुलिसकर्मी न मिलने से वह लौट गए। इस प्रकरण को लेकर पुलिस के प्रति ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है।

गुरुवार को झूठी सूचना फैली की उपचार के दौरान गुड्डू की मौत हो गई। इससे पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। चौकी से पुलिसकर्मी गायब हो गए। कई बार ग्रामीण चौकी पर पहुंचे, लेकिन वहां पुलिसकर्मी नहीं मिले। बात करने पर एसओ खानपुर राजेश कुमार ने बताया कि मकान में चोरी की कोई सूचना नहीं थी। न ही किसी ने थाने में तहरीर दी गई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है। उधर, जाड़ौल चौकी इंचार्ज सुखदेव सिंह चीमा का कहना है कि भरत सिंह ने गुड्डू के खिलाफ चोरी की तहरीर दी थी। गुड्डू को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, थर्ड डिग्री के आरोप गलत हैं। चोरी के सबूत न मिलने पर 151 में चालान किया था। 

चोरी के सबूत न मिले फिर भी चालान
जाड़ौल चौकी इंचार्ज ने खुद कबूल किया है कि गुड्डू से पूछताछ में चोरी के सबूत नहीं मिले हैं। अगर चोरी के सबूत नहीं मिले तो उन्होंने गुड्डू का चालान शांतिभंग में क्यों कर दिया, जबकि थाना इंचार्ज इस तरह की घटना में तहरीर आने की बात से इन्कार कर रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि पुलिस घटना पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है।

साभार- जागरण

मुख्य संवाददाता
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