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मायावती-अजीत जोगी की मुलाकात से सत्ता के गलियारों में खलबली, छत्तीसगढ़ में बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत

नई दिल्ली- इस साल के अंत में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन राजनीतिक पार्टियों ने राजनीति की बिसात बिछानी अभी से शुरू कर दी है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने दिल्ली में बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात की। मुलाकात करीब डेढ़ घंटे चली। 

आपको जानकारी दे दें कि अजीत जोगी ने पिछले साल कांग्रेस छोड़कर छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस का निर्माण किया था, हालांकि उनकी पत्नी रेणु अब भी कांग्रेस में है।

दिल्ली में जोगी और मायावती की मुलाकात के बाद इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि छत्तीसगढ़ में दिसंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों में दोनों की पार्टियों के बीच गठबंधन हो सकता है. मरवाही से विधायक अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी भी इस बैठक में शामिल हुए थे।

दिल्ली में श्वास से जुड़ी बीमारी के इलाज के बाद अजीत जोगी की यह पहली राजनीतिक मुलाकात थी। छत्तीसगढ़ में दलित बहुल सतनामी बेल्ट में बीएसपी बहुत अच्छा आधार बनाए हुए है। पिछले चार चुनावों में बीएसपी को राज्य में 5 से 10 प्रतिशत वोट मिले थे और वर्तमान विधानसभा में पार्टी का एक विधायक भी है।

गौरतलब है कि मायावती महागठबंधन को लेकर काफी सक्रिय हैं। इसके लिए वे विभिन्न दलों के राजनेताओं से लगातार मुलाकातें कर रही हैं। हालांकि बसपा ने छत्तीसगढ़ में गठबंधन को लेकर अभी तक किसी तरह का कोई खुलासा नहीं किया है। लेकिन दोनों पार्टियों के शीर्ष नेताओं की मुलाकात को लेकर गठबंधन के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि पार्टी सूत्रों के मुताबिक गठबंधन को लेकर किसी भी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगा। क्योंकि अभी तक बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रभारियों से इस बारे में कोई रिपोर्ट नहीं मांगी है। वैसे भी इसको लेकर अंतिम फैसला मायावती को ही करना है। 

मुख्य संवाददाता
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