img

डॉ. एस. के. नंदा की पुस्तक ‘एनवॉयरमेंट एज कैप्सूल’ का विमोचन

नई दिल्ली,  रशियन सेंटर फॉर साइंस एंड कल्चर में सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. एस.के.नंदा की पुस्तक ‘एनवॉयरमेंट एज कैप्सूल’ का विमोचन किया हुआ। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। समारोह में देश के जाने-माने राजनीतिज्ञ, भारत सरकार के वरिष्ठ अफसर, न्यायाधीश, पर्यावरण विशेषज्ञ भी मौजूद थे।

कार्यक्रम का आगाज लोकप्रिय ओडिसी नृत्यांगना डॉ.चांदना राउल के शानदार नृत्य से हुआ। मुख्य अतिथि डॉ.हर्षवर्धन, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद प्रहलाद पटेल के साथ डॉ.नंदा ने दीप प्रज्जवलित किया। सबसे पहले कार्यक्रम के आयोजक संजय राय ने अतिथियों का स्वागत किया और डॉ. नंदा की पुस्तक के बारे में जानकारी दी। 

मुख्य अतिथि डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती है। एक तरफ हमें विकास करना है तो दूसरी तरफ ये भी सोचना है कि विकास के चक्कर में पर्यावरण को नुकसान न हो। उन्होंने इस बात से सहमति जताई कि आज के नौनिहालों को पर्यावरण के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी जा रही जबकि उन्हें स्कूल और घर में जागरूक करने की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी भागीदारी बढ़ानी होगी और निजी फायदे के लिए पर्यावरण को बिगाड़ने से बचना होगा। अन्यथा सभी को इसके दुष्परिणाम झेलने होंगे। उन्होंने डॉ. एस.के.नंदा को पुस्तक लिखने के लिए बधाई दी और कहा कि वे खुद तो इस पुस्तक को पढ़ेंगे ही, साथ ही यहां आए लोगों से गुजारिश करूँगा कि इस पुस्तक का लाभ उठाएं। निश्चित तौर पर इस पुस्तक में डॉ. नंदा ने लंबा समय दिया होगा और अथक मेहनत के बाद ये पुस्तक हमारे सामने है।

डॉ.नंदा ने कहा कि उन्होंने गुजरात में अपने कार्यकाल के दौरान कई ऐसे कड़े फैसले किए जिससे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिली। तमाम बाधाएं आईं, लेकिन हार नहीं मानी। आज हालत यह है कि हम इस गंभीर विषय को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा हैं। यदि हम आज नहीं संभले तो आने वाले समय में पेड़ पौधे, पशु-पक्षी लुप्त हो जाएंगे। विकास की अंधी दौड़ में हम अपने जीवन के लिए जरूरी पर्यावरण को ही भूल गए हैं। खास तौर से आने वाली पीढ़ी को इस बारे में जागरूक नहीं कर रहे जिसका भारी नुकसान उन्हें होगा।

आपको बता दें कि 1978 बैच के आईएएस ऑफिसर डॉ.नंदा गुजरात में नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्रित्व काल में गृह सचिव रहे। इसके अलावा सूचना एवं प्रसारण सचिव, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, प्रमुख सचिव पर्यावरण एवं वन जैसे अहम पदों पर कार्यरत रहे। सेवानिवृत्ति के बाद भी सामाजिक कार्यों और पर्यावरण संतुलन को लेकर काफी सक्रिय रहते हैं।

मुख्य संवाददाता
मुख्य संवाददाता
मुख्य संवाददाता
PROFILE

' पड़ताल ' से जुड़ने के लिए धन्यवाद अगर आपको यह रिपोर्ट पसंद आई हो तो कृपया इसे शेयर करें और सबस्क्राइब करें। हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं। हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।

संबंधित खबरें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

0 Comments

मुख्य ख़बरें

मुख्य पड़ताल

विज्ञापन

संपादकीय

वीडियो

Subscribe Newsletter

फेसबुक पर हमसे से जुड़े