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बीजेपी सांसद ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर चेताया, बीजेपी के खिलाफ दलितों में बढ़ रहा है असंतोष

उत्तर प्रदेश में बीजेपी के दलित सांसदों के अंदर अपनी ही पार्टी के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है। सावित्रीबाई फुले के बाद रॉबर्ट्सगंज से सांसद छोटेलाल खरवार भी नाराज नजर आ रहे हैं. छोटेलाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी नाराज हैं, क्योंकि सीएम ने उनके ऊपर हुए हमले के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया।

सांसद छोटे लाल ने मुख्यमंत्री योगी की शिकायत करते हुए लिखा है कि जिले के आला अधिकारी उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। मामले में बीजेपी सांसद ने दो बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की, लेकिन सीएम ने उन्हें डांटकर भगा दिया।

जमीन पर कब्जे को लेकर बीजेपी सांसद ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इंसाफ की गुहार लगाई है। सांसद ने पीएम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र पांडेय और संगठन मंत्री सुनील बंसल की शिकायत की है।

अपनी पहली शिकायत में उन्होंने कहा है कि प्रदेश में जब अखिलेश सरकार थी, उस समय 2015 में नौगढ़ वन क्षेत्र में अवैध कब्जे की शिकायत मुख्यमंत्री समेत कई लोगों से की, लेकिन कार्रवाई की बजाय अधिकारियों ने मेरे घर को ही वन क्षेत्र में डाल दिया। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के आदेश पर दोबारा पैमाईश में सच सामने आया कि मेरा घर वन क्षेत्र में नहीं है। 

दूसरा मामला प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद का है। सांसद ने कहा कि अक्टूबर 2017 में मेरे भाई ( क्षेत्र पंचायत नौगढ़ का प्रमुख ) के खिलाफ सपा की तरफ से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। इसके बाद वोटिंग के दौरान असलहों से लैस अपराधी तत्व के लोगों ने मेरी कनपटी पर रिवॉल्वर तान दी, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर धमकी और दी गाली दी, उस समय अधिकारी भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की इस मामले में पार्टी के लोग और पुलिस अधिकारी भी शामिल थे।

साथ ही उन्होंने ये भी लिखा है कि दलितों में बीजेपी के खिलाफ असंतोष लगातार बढ़ रहा है। हाल के दिनों में जिस तरीके का फैसला, सुप्रीम कोर्ट में आया है, उसके बाद से दलितों के बीच चिंता बढ़ गई है। मुझे प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष पर पूरा भरोसा है कि जल्दी ही सब ठीक होगा।

मुख्य संवाददाता
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