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देश के प्रतिष्ठित 'बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय' की फिर खुली पोल, छेड़खानी से परेशान छात्राओं ने सिर मुंडवा कर किया प्रदर्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले बीएचयू की छात्राएं सड़क पर उतर आई, और सिर मुंडवाकर प्रदर्शन किया। छात्राओं का आरोप है कि बीएचयू में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। लेकिन  विश्वविद्यालय प्रशासन लाख शिकायतों के बावजूद आरोपी छात्रों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर रहा है। 

गुरुवार की शाम भी बीएचयू कैंपस में कला भवन के सामने तीन लड़कों द्वारा छात्रा के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया। जब उन्होंने शोर मचाया तो पास ही खड़े सुरक्षा गार्ड भी मदद के लिए नहीं आए। इसकी शिकायत जब छात्राओं ने चीफ प्राक्टर प्रो.ओ.एन. सिंह को फोन करके बताई तो कार्रवाई के बजाय वे उल्टा छात्राओं को ही भला बुरा कहने लगे कि छ बजे के बाद हॉस्टल के बाहर क्यों घूम रही थी। 

गुस्साई छात्राओं ने सैकड़ों की संख्या में शुक्रवार को न केवल बीएचयू के अंदर महिला महाविद्यालय का गेट बंद कर दिया, बल्कि बीएचयू का मेन गेट सिंह द्वार भी बंद कर दिया और धरने पर बैठ गईं। छात्राओं की मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। छात्राओं के प्रदर्शन से प्रशासन में हड़कंप मचा गया।


छात्राओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि प्राक्टोरियल बोर्ड के सामने भी छात्र छेड़खानी करते है उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। कुछ छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्राक्टोरियल बोर्ड के लोग भी छेड़खानी में शामिल रहते है इस वजह से कोई कार्रवाई नहीं होती है। उन्होंने बताया कि उनके हॉस्टल की खिड़की से अश्लील बातें लिखकर कागज़ फैंके जाते हैं। हॉस्टल के बाहर खड़े होकर लड़के अश्लील इशारे करते हैं और शिकायत करने पर धमकी देते हैं कि कैंपस में दौड़ा-दौड़ा कर कपड़े फाड़ देंगे। 

गौरतलब है कि देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में शुमार बीएयू (बनारस हिंदु विश्वविद्यालय) पर पहले भी किसी ना किसी मामले में सवाल खड़े होते रहे हैं, जाहिर सी बात है कि अगर ये छात्राएं प्रधानमंत्री के दौरे से पहले ये विरोध प्रदर्शन नहीं करतीं तो यहां की एक और गंदगी सामने नहीं आ पाती। साथ ही एक बड़ा सवाल ये भी  है कि जब युनिवर्सिटी प्रशासन के पास लागातार छेड़खानी की शिकायतें आ रही थीं तो प्रशासन आरोपियों के खिलाफ कोई कदम क्यों नहीं उठा रहा था। खैर उम्मीद है कि प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान धरना-प्रदर्शन का समय चुना है, उसका कुछ फायदा होगा, और प्रधानमंत्री जी उनको राहत दिलवा पाएंगे।   

मुख्य संवाददाता
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