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दलित लेखक कांचा इलैया पर हमला, थाने में शरण लेकर बचाई जान

बीते शनिवार मशहूर दलित लेखक कांचा इलैया पर वैश्य समाज के लोगों ने हमला कर दिया। पिछले कुछ दिनों से कांचा इलैया आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में अपनी किताब 'सामाजिका स्मगलेर्लु कोमाटोलु' को लेकर भारी विरोध का सामना कर रहे हैं। ये हमला उस समय किया गया जब लेखक वारंगल जिले में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए हुए थे। उसी समय वैश्य समाज के लोगों ने लेखक की कार को निशाना बना लिया और उन पर टूट पड़े। 

पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि लेखक कांचा तेलंगाना के वारंगल जिले में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए हुए थे। इसकी भनक प्रदर्शनकारियों को भी हो गई और वे कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। जब कांचा इलैया कार में थे तो प्रदर्शनकारियों ने उन पर हमला कर दिया। कांचा के ड्राइवर ने बचने के लिए गाड़ी को पुलिस स्टेशन की तरफ मोड़ दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी वहां भी पहुंच गए।

शिकायतकर्ता करुणा सागर का कहना है कि कांचा ने हिंदू धर्म और देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक बातें लिखी हैं। उन्होंने अपनी किताब में यह भी लिखा कि महात्मा गांधी को मारने वाला नाथूराम भी एक ब्राह्मण था। ऐसा दो समुदायों में नफरत को बढ़ावा देने के लिए किया गया।  वहीं कांचा इलैया ने आरोपियों के खिलाफ जान से मारने का मामला दर्ज कराया है।

उनका कहना है कि अगर वे पुलिस स्टेशन में आकर शरण नहीं लेते तो उनकी जान जा सकती थी। जब कांचा इलैया थाने पहुंच तो वैश्य समाज के सैंकड़ों लोगों ने उनका घेराव कर लिया और पुलिस की मौजदूगी में उन्हें पीटा और चप्पले मारीं। कुछ देर बाद दलित समुदाय के लोग भी थाने पर इकट्ठा हो गए। और पुलिस पर आरोपियों के खिलाफ़ कार्रवाई करने का दबाव बनाया।  

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले कांचा इलैया को जान से मारने  और जीभ काटने की धमकियां भी मिल रही थीं। तेलगु देशम के सांसद ने भी कांचा इलैया को उनकी किताब के लिए फांसी पर लटका देने का विवादित बयान दिया था।

मुख्य संवाददाता
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