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असामाजिक तत्वों की शर्मनाक करतूत, जालौन में तोड़ी गई डॉक्टर अंबेडकर की प्रतिमा

संविधान निर्माता बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के प्रति जतिवादी नफरत कम नहीं हो रही है। देश में आए दिन कहीं न कहीं उनकी प्रतिमा खंडित किए जाने की ख़बरें आती रहती हैं। बाबा साहब की प्रतिमा खंडित किए जाने का ताजा मामला यूपी के जालौन में सामने आया है।

जालौन में आटा क्षेत्र के चमारी गांव में बौद्ध विहार के पास डॉ. भीमराव अंबेडकर स्कूल परिसर में स्थापित भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को कुछ असामाजिक तत्वों ने दाहिना हाथ तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया। सोमवार को दलित समाज के लोगों ने बाबा साहब की प्रतिमा का एक हाथ टूटा हुआ देखा, जिससे उनमें गहरा आक्रोश फैल गया। तभी स्कूल प्रबंधक राम मिलन अहिरवार ने पुलिस को मामले की जानकारी दी।  

बाबा साहब की प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने की खबर मिलते ही भारी संख्या में पुलिस के जवान और कई पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मामले को शांत करने के लिए तुरंत ही कारीगरों को बुलाकर क्षतिग्रस्त प्रतिमा को ठीक करा दिया। इस दौरान कालपी क्षेत्र के सीओ सुबोध गौतम ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए गहनता से जांच की जा रही है।  उन्होंने ये भी कहा कि प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने वालों का पता लगाकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  
 
इस बीच प्रतिमा खंडित होने की ख़बर विभिन्न बीएसपी समेत कई राजनीतिक दलों के नेताओं को हुई तो वो भी मौके पर पहुंच गए और सभी ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। घटना स्थल पर  पहुंचे बीएसपी जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शिरोमणि, पूर्व सांसद डा. घनश्याम अनुरागी, संतराम कुशवाहा, बृजलाल खाबरी, जमुनादास बौद्ध, सुंदरलाल, रामशरण जाटव समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे अराजक तत्वों की करतूत बताया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। 
 
आपको ये भी बता दें कि जालौन जिले में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त और अपमानित करने की तीन महीने में ये तीसर घटना है। इससे पहले कालपी क्षेत्र के काशीखेड़ा गांव में असामाजिक तत्वों ने बाबा साहब की प्रतिमा पर जूतों की माला पहना दी थी। उसके बाद नंदी गांव में भी बाबा साहब की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।  
 
डॉक्टर अंबेडकर की प्रतिमा खंडित होने से दलित समाज के लोगों का नाराजगी जाहिर करना वाजिब है, साथ ही यहां ये सवाल उठाना भी जरूरी हो जाता है कि आखिर ज़्यादातर बाबा साहब की प्रतिमाओं को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है। आखिर ऐसी शर्मनाक घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों की बाबा साहब और दलित समाज के प्रति ऐसी नफरत क्यों बनी हुई है? 

यहां हम ऐसी तुच्छ मानसिकता रखने वाले लोगों को बता दें कि बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर ने सिर्फ दलितों के हित में ही काम नहीं किए, बल्कि उन्होंने अपना पूरा जीवन इस राष्ट्र को समर्पित किया था। बाबा साहब ने अपने आंदोलन और लेखन में इस देश में रहने वाले हर वर्ग के गरीब,मजदूर और महिलाओं की आवाज को बुलंद किया और उन्हें अधिकार दिलाए। बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर के द्वारा लिखित ‘भारतीय संविधान’ इसका ऐतिहासिक प्रमाण और एक अहम धरोहर वाला दस्तावेज हम सबके सामने मौजूद है।

मुख्य संवाददाता
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2 Comments

  •  

    ये बहुत ही निंदनीय घटना हैं।

  •  
    Manoj Kumar
    2017-12-26

    ये बहुत ही निंदनीय घटना हैं।

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