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महाबोधि मंदिर को दहलाने की साजिश नाकाम, दो जिंदा बम बरामद

गया- बौद्ध धर्म के लोगों के पवित्र स्थल महाबोधि मंदिर को दहलाने की कोशिश की गई। शुक्रवार को बोधगया के मंदिर परिसर के गेट संख्या 4 के पास बीएसएफ के एक जवान को पहला बम दिखा, जिसके बाद पुलिस ने मंदिर परिसर में छानबीन शुरू की। पहले बम के मिलने के कुछ ही देर बाद मंदिर परिसर से महज 100 मीटर की दूरी पर पुलिस ने दूसरा बम बरामद किया।

मंदिर परिसर में बम बरामद किए जाने के बाद हड़कंप मच गया। बम की सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस और बम निरोधक दस्ता बम को मंदिर से तीन किलोमीटर दूर स्थित निरंजन (फल्गू) नदी पर ले गए और बम डिफ्यूज किए। आनन-फानन पुलिस ने पूरे इलाके को कब्जे में ले लिया और लोगों को सुरक्षित परिसर से बाहर निकाला। विस्फोटक मिलने की घटना के बाद आसपास के इलाके में सघन तलाशी ली गई और इस क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी थी, जिसे और बढ़ा दिया गया है।  

मगध प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक विनय कुमार ने जानकारी दी कि दो संदिग्ध वस्तुएं मिलने के बाद उसकी जांच कराई गई, जिसमें विस्फोटक होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि बम निरोधक दस्ते ने विस्फोटकों को अपने कब्जे में लेते हुए उसे वहां से तत्काल हटा दिया। यह कितना शक्तिशाली विस्फोटक है, इसकी जांच की जा रही है। 

आपको बता दें कि धार्मिक गुरु दलाई लामा 1 जनवरी को बोधगया आए थे और 2 जनवरी को पहली बार मंदिर में पूजा की। मंदिर में पूजा करने के बाद दलाई लामा का टीचिंग कार्यक्रम की शुरुआत हुई।  स्थानीय कालचक्र मैदान में उनका प्रतिदिन प्रवचन चल रहा है। दलाई लामा के प्रवास को लेकर पुलिस प्रशासन पहले से ही बोधगया में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने का दावा कर रही थी। शुक्रवार को ही बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक अपने पूरे परिवार के साथ मंदिर में पूजा करने के लिए पहुंचे थे और शाम को 5 बजे वहां से पटना के लिए रवाना हो गए थे, राज्यपाल सत्यपाल मलिक के जाने के कुछ ही घंटों बाद मंदिर परिसर में इस वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई गई थी।

मंदिर परिसर से कुछ दूरी पर मिले बम के बाद एक बार फिर से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। यह घटना उस समय सामने आई जब तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा बोध गया के दौरे पर आए हुए हैं और पुलिस ने दूसरा बम दलाई लामा के निवास स्थान से कुछ ही दूरी पर बरामद किया है। वहीं, इस मामले पर बिहार पुलिस में वरिष्ठ अधिकारी एनएच खान ने बताया है कि दलाई लामा के भाषण के बाद वह मोनेस्ट्री में आराम करने के लिए गए हुए थे। दलाई लामा जैसे ही मोनेस्ट्री में आराम करने पहुंचे कि कालचक्र परिसर में एक छोटा सा विस्फोट हुआ, जिसके बाद पुलिस ने मंदिर परिसर की छानबीन शुरू कर दी।

गौरतलब है कि इससे पहले भी वर्ष 2013 में 7 जुलाई को महाबोधि मंदिर समेत कई स्थलों पर सीरियल ब्लास्ट हुए थे। इन धमाकों के बाद पुलिस को मंदिर परिसर से पांच किलोग्राम का सिलेंडर बम मिला था, जिसे बाद में बम निरोधक दस्तों ने निष्क्रिय कर दिया था।

मुख्य संवाददाता
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