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तीन तलाक को खत्म करने के लिए बनेगा कानून, शीतकालीन सत्र में बिल ला सकती है केंद्र सरकार

तीन तलाक का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। केंद्र सरकार इसे ख़त्म करने के लिए आगामी शीतकालीन सत्र में विधेयक ला सकती है। सरकार ने तीन तलाक पर कानून बनाने के लिए मंत्रियों की एक समिति का गठन किया है।

केंद्र सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में मंत्रियों की समिति की सिफारिश पर तलाक के कानून को लाने प्रस्ताव दे सकती है। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की संवैधानिक पीठ के 3 जजों ने तीन तलाक के मुद्दे पर सुनवाई की थी और इसे असंवैधानिक बताया था। तत्कालीन चीफ जस्टिस जे एस खेहर ने कहा था कि तीन तलाक के मुद्दे पर संसद और केंद्र सरकार सबसे महत्वपूर्ण पक्ष है और उन्हें इस पर कानून बनाना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा था कि केंद्र सरकार को इस पर कानून बनाकर बनाना चाहिए और एक स्पष्ट दिशा निर्देश तय करने चाहिए। इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार को 6 महीने का वक्त दिया था।

जे एस खेहर ने कहा था कि 6 महीने तक के लिए कोर्ट अनुच्छेद 142 के तहत विशेष शक्तियों का प्रयोग करते हुए तीन तलाक पर तत्काल रोक लगाती है। तीन तलाक के मुद्दे पर जस्टिस यू यू ललित, जस्टिस फली नरीमन और जस्टिस जोसेफ करियन ने इस असंवैधानिक करार दिया था और कहा था कि इससे मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन होता है। आपको ये भी बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी देश में कई जगह तीन तलाक के मामले सामने आए हैं।   

मुख्य संवाददाता
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