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राजस्थान के स्कूलों में बच्चे सुनेंगे साथु-संतों के प्रवचन

राजस्थान- राज्य सरकार ने एक विवादित फैसला लेते हुए कहा है कि स्‍कूलों में संतों के उपदेश सुनाए जाएंगे। माध्‍यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में गया है  महीने के पहले शनिवार को किसी नामचीन शख्सियत का जीवन परिचय छात्रों को सुनाया जाएगा। हर महीने दूसरे शनिवार को प्रेरणा देने वाली कहानियां और नैतिक मूल्‍यों के बारे में बच्‍चों को बताया जाएगा। उन्‍होंने बताया कि हर महीने चौथे शनिवार को एक क्विज का आयोजन होगा। पांचवें शनिवार को नैतिक मूल्‍यों पर नाटक का आयोजन किया जाएगा। छठे शनिवार को बच्‍चे देशभक्ति से भरे गीत गाएंगे। विज्ञप्ति में कहा गया है कि ये निर्देश सभी सरकारी, गैर सरकारी, सीबीएसई से मान्‍यता प्राप्‍त स्‍कूल, विशेष प्रशिक्षण शिविर और शिक्षक प्रशिक्षण स्‍कूलों के लिए अनिवार्य है

राजस्थान के शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी के मुताबिक यह पहल बच्चों में नैतिक मूल्यों को लाने में मदद करेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए इसकी शुरुआत की गई है। विपक्ष ने इस फैसले को लेकर राजस्थान सरकार पर हमला बोला। विपक्ष का आरोप है कि शिक्षा मंत्री शुरू से ही भगवा एजेंडे पर काम करते रहे हैं ऐसे में इस तरह के संस्कार क्लास की आड़ में वे शिक्षा के भगवाकरण करने की कोशिश कर रहे हैं।

सरकार की इस योजना पर राजस्थान शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री उपेंद्र शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार स्कूलों को प्रयोगशाला बना रही है। शिक्षा का भगवाकरण करने की कोशिश की जा रही है। यह पूरी तरह गलत है। ऐसा किया गया तो आने वाले समय में इसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे।

गौरतलब है कि पहले भी कई बार वासुदेव देवनानी अपने फैसलों कों लेकर विवादों में रह चुके हैं। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में कभी सिलेबस से अकबर और नेहरू को हटाने के लेकर तो कभी माता-पिता दिवस के रूप में वैलेंटाइन डे को मनाने को लेकर बवाल मच चुका है। इसके अलावा साइकिल के रंग से लेकर ड्रेस तक को भगवा करने के लिए राज्य के शिक्षा मंत्री विवादों रह चुके हैं।

मुख्य संवाददाता
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