img

लखनऊ में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में शिरकत की, बोले बेटियों ने देश का मान बढ़ाया

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविधालय के दीक्षांत समारोह में शिरकत कर मेधावी छात्रों को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने छात्र-छात्राओं को नैतिकता की शिक्षा दी और कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में दो बेटियों ने वो कर दिखाया, जिससे हर भारतवासी को गर्व है। इतनी कम उम्र में बेटियों ने पीएचडी कर इस विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया है।

बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय का सभागार शुक्रवार को देश के प्रथम नागरिक राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समेत कई गणमान्य हस्तियों और मेधावी छात्र-छात्राओं की मौजूदगी का गवाह बना। मौका था विश्वविद्यालय के 7वें दीक्षांत समारोह का। इस बार का दीक्षांत समारोह खासतौर पर बेटियों के नाम रहा, जिसमें डिग्री पाने वालों में लड़कियां ज़्यादा हैं। 1079 छात्रों में से 549 लड़कियां और 530 लडके पास हुए हैं । 192 पदक में लड़कों को 70 पदक मिले हैं, जबकि 122 पदक लड़कियों को मिले हैं।


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अथिति के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने 4 मेधावी छात्रों को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया और अपने संबोधन कहा कि यहां आकर मेरी पुरानी यादें ताजा हो गई हैं।  मैं 2002-03 में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट कमेटी का सदस्य था। मुझे यहां आकर बेहद खुशी हुई है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस अवसर पर छात्राओं की सराहना की में छात्राओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारी बेटियां बाबा साहेब के सपनों से भी आगे निकल चुकी हैं। बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी ने अपने परिश्रम और मेहनत से दुनियाभर में अपना एक अलग मुकाम हासिल किया था। बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में 17 साल की उम्र में लखनऊ की सुषमा वर्मा यहां से पीएचडी कर रही हैं और नीलू शर्मा को टेलीविजन फॉर इनवायरमेंट का फिल्म फॉर चेंज फेलशिप (लंदन) मिला है। इन दोनों बेटियों ने मेरे मन में कभी न मिटने वाली एक अलग सी छाप छोड़ी है। उन्होंने ये भी कहा कि जब देश विकसित होगा तभी सभी को विकास का अवसर मिलेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि अब छात्रों  के सामने अब २ विकल्प हैं वे या तो नौकरी करें या अपना खुद का काम करें । उन्होने बताया कि नौकरी में तमाम लिमिटेशन हैं तो खुद का काम करने के मामले में कोई बंधन नही हैं, लेकिन दोनों ही क्षेत्रों में नैतिकता बहुत जरूरी है। इस दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने लखनऊ की तहजीब की चर्चा करते हुए कहा कि लखनऊ के लोग ‘पहले आप’ पर भरोसा करते हैं और अगर दूसरे लोग भी इस तहजीब को अपना लें तो तमाम विवाद खत्म हो जायेंगे ।


उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने भी बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। उन्होंने  छात्रों को शुभकामनाये देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह का मतलब है कि किताबी पढ़ाई खत्म हुई है। अब जीवन की लड़ाई स्टार्ट हुई है और ज्ञान तो जीवन के अंत तक प्राप्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 3 बातों का ख्याल रखिए, माता-पिता, गुरुजन ने आपके पंखों में ताकत भरी है। आपको ऐसे आकाश में उड़ान करनी है। जहां पूरा आकाश खुला है। जीवन में अब बहुत बड़ी स्पर्धा आई है। इस स्पर्धा में आगे बढ़ना है तो कड़ी मेहनत के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। शॉर्टकट का प्रयोग कभी ना करो, जो हिम्मत नहीं हारता है, जीवन में वही आगे जाता है।


इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की पत्नी और देश की प्रथम महिला नागरिक सविता कोविंद, न्यायाधीश प्रमोद कोहली, यूपी के चिकितसा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन, यूजीसी के चेयरमैन वीएस चौहान भी मौजूद रहे। इससे पहले राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया ने अमौसी एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उनकी पत्नी सविता कोविंद का जोरदार स्वागत किया। 

ओम प्रकाश
ओम प्रकाश
ब्यूरो चीफ
PROFILE

' पड़ताल ' से जुड़ने के लिए धन्यवाद अगर आपको यह रिपोर्ट पसंद आई हो तो कृपया इसे शेयर करें और सबस्क्राइब करें। हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं। हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।

संबंधित खबरें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

0 Comments

मुख्य ख़बरें

मुख्य पड़ताल

विज्ञापन

संपादकीय

वीडियो

Subscribe Newsletter

फेसबुक पर हमसे से जुड़े