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नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने थामा कांग्रेस का दामन, पार्टी के खिलाफ गतिविधियों के आरोप में बसपा ने किया था बाहर

बहुजन समाज पार्टी के पूर्व नेता व मायावती के खास रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने गुरूवार को कांग्रेस का दामन थाम लिया। नसीमुद्दीन के साथ बसपा के कई पूर्व मंत्री, विधायक एवं पूर्व पार्षद व कार्यकर्ता भी कांग्रेस में शामिल हुए हैं। आपको बता दें कि पिछले साल मई में नसीमुद्दीन सिद्दीकी को पार्टी के खिलाफ गतिविधियों के आरोप में बसपा से बाहर कर दिया गया था जिसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय बहुजन मोर्चा का गठन किया अब उन्होंने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया है। 

करीब एक महीने पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद से ही नसीमुद्दीन का कांग्रेस में जाना तय माना जा रहा था। नसीमुद्दीन ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में अगर कांग्रेस का बसपा से कोई तालमेल होता है तो भी नेतृत्व का फैसला जिंदगी भर मानेंगे। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि अब उन्हें मायावती से कोई शिकायत या नाराजगी नहीं है।

इस मौके पर नसीमुद्दीन ने शायराना अंदाज में कहा कि दिल तोड़ना कठिन है मगर तोड़ना पड़ा, किश्ती को साहिलों की तरफ मोड़ना ही पड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनके बाप-दादा की पार्टी रही है। हम भटक गए थे, नहीं भटके होते तो देश के ऐसे हालात न होते। धीरे-धीरे अन्य भटके लोग भी राहुल गांधी का नेतृत्व स्वीकार करेंगे। इस दौरान नसीमुद्दीन के मुंह से दो बार कांग्रेस की जगह बसपा निकला। फिर खुद को संभालते हुए कहा कि 34 साल जहां रहा उसे दिल और दिमाग से हटाने में 34 मिनट तो लगेंगे ही। 

बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी के साथ बड़ी संख्या में बसपा नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने पर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने सफाई देते हुए कहा कि "मायावती के नाराज होने का कोई कारण नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने हमारे वर्तमान विधायक को तोड़ लिया था, तब भी हम नाराज नहीं हुए। इसके बावजूद हम चुनाव में गठबंधन को लेकर मायावती जी से मिले थे। जो लोग शामिल हुए हैं, उनमें से कुछ को बसपा से निकाला जा चुका है और कुछ उनके निकाले जाने के कारण पार्टी छोड़ आए हैं।"


मुख्य संवाददाता
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