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मायावती ने मोहन भागवत के सेना को लेकर दिए गए बयान पर जताई कड़ी आपत्ति, संघ स्वयंसेवकों को बताया आतंकी

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आएएसएस प्रमुख मोहन भागवत के सेना को लेकर दिए बयान की कड़ी निंदा की है।  मायावती ने लखनऊ से मीडिया में बयान जारी करते हुए कहा कि राष्ट्रीय मोहन भागवत ने आरएसएस कार्यकर्ताओं की भारतीय सेना से तुलना करके देश और भारतीय सेना का अपमान किया है, इस विवादित बयान के लिए मोहन भागवत को देश से माफी मांगनी चाहिए।

बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने मोहन भागवत पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें आरएसएस के कार्यकर्ताओं यानी आतंकियों पर इतना भरोसा है, तो उन्होंने सरकारी खर्च पर विशेष कमांडो ले क्यों ले रखे हैं । उन्होंने कहा कि ऐसे समय में, जब सेना को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, मोहन भागवत का बयान सेना के मनोबल को गिराने वाला है, इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती। मायावती ने ये भी कहा कि आरएसएस के बारे ये भ्रम समाप्त हो चुका है कि वो एक समाजिक संगठन है। बल्कि आरएसएस अब सामाजिक संगठन की जगह राजनीतिक संगठन में तब्दील होता जा रहा है। आरएसएस के कार्यकर्ता समाज सेवा को दरकिनार कर बीजेपी के लिए चुनावी राजनीति करने में ज़्यादा व्यस्त नज़र आते हैं।

आपको बता दें कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागव ने बिहार के मुजफ्फरपुर में आयोजित आरएसएस के एक कार्यक्रम में कहा था कि आएएसएस के लोग सेना की तरह ही अनुशासित होते हैं। उन्होंने कहा कि सेना के लोग युद्ध की स्थिति में तैयार होने में 6 से 7 महीने का समय लगा सकते हैं, लेकिन हमारे लोग यानी आरएसएस के कार्यकर्ता 2 से 3 दिन में ही तैयार हो जाएंगे।

ओम प्रकाश
ओम प्रकाश
ब्यूरो चीफ
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1 Comments

  •  
    Devendra kumar
    2018-02-15

    इस तरह के क्रिया कलाप आतँकवाद की निशानी है।

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