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मायावती और अखिलेश ने कांग्रेस पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप, कहा- बीजेपी को हराने में सक्षम है हमारा गठबंधन

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का यूपी में बीएसपी-एसपी और आरएलडी गठबंधन के लिए 7 सीटें छोड़ने का फरमान दोस्ती के बजाय सियासी दुश्मनी की तरफ बढ़ता दिख रहा है। बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती और एसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कांग्रेस के सियासी त्याग को कोई तव्वजों नहीं दी है। मायावती और अखिलेश ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सिर्फ भ्रम फैला रही है।  

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि कांग्रेस भ्रम न फैलाए। उन्होंने कहा कि बीएसपी एक बार फिर साफ तौर पर स्पष्ट कर देना चाहती है कि उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में कांग्रेस पार्टी से हमारा कोई भी किसी भी प्रकार का तालमेल व गठबंधन आदि बिल्कुल भी नहीं है। हमारे लोग कांग्रेस पार्टी द्वारा आयेदिन फैलाये जा रहे किस्म-किस्म के भ्रम में कतई ना आयें। मायावती ने कहा कि कांग्रेस यूपी में सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए आजाद है, जबकि हमारा गबठबंधन  बीजेपी को हराने के लिए सक्षम है। कांग्रेस जबर्दस्ती यूपी में हमारे गठबंधन के लिए 7 सीटें छोड़ने की भ्रान्ति ना फैलाए।  

मायावती के बाद एसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। अखिलेश यादव ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा है कि उत्तर प्रदेश में एसपी-बीएसपी और आरएलडी का गठबंधन भाजपा को हराने के लिए सक्षम है। कांग्रेस पाटी किसी तरह का कन्फ्यूजन ना पैदा करें।  

आपको बता दें कि रविवार (17 मार्च) को यूपी कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर  ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिये बीएसपी-एसपी और आरएलडी गठबंधन के लिए 7 सीटें छोड़ने का ऐलान किया था। राज बब्बर ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी यूपी में बीएसपी-एसपी और आरएलडी गठबंधन के लिए 7 सीटें छोड़ रही है। इन सीटों में मैनपुरी, कन्नौज और फिरोजाबाद लोकसभा सीट के अलावा वो सभी सीटें जहां से बीएसपी अध्यक्ष मायावती, एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव, आरएलडी अध्यक्ष अजित सिंह और आरएलडी नेता जयंत चौधरी चुनाव मैदान में उतरेंगे। यहां भी बता दें कि बीएसपी-एसपी और आरएलडी गठबंधन ने यूपी में कांग्रेस के लिए अमेठी और रायबरेली की सीटें छोड़ने ऐलान किया था।    

मुख्य संवाददाता
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