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लखनऊ : बाबा साहब डॉ.अंबेडकर को बौद्ध धर्म की दीक्षा दिलाने वाले 7 भिक्षुओं में शामिल रहे प्रज्ञानंद का लंबी बीमारी के बाद निधन

बोधिसत्व बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को बौद्ध धर्म की दीक्षा दिलाने वाले सात भिक्षुओं में शामिल रहे 90 वर्षीय भिक्षु प्रज्ञानंद का निधन हो गया है। लखनऊ में केजीएमयू के गांधी वार्ड में भर्ती भिक्षु प्रज्ञानंद ने गुरुवार को करीब सुबह 11 बजे अंतिम सांस ली। उन्हें सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ के चलते रविवार को केजीएमयू में भर्ती कराया गया था। 




श्रीलंका में जन्मे बौद्ध भिक्षु प्रज्ञानंद 1942 में भारत आए थे और वो लखनऊ के रिसालदार पार्क के बुद्ध विहार में रहते थे। बुद्ध विहार में भिक्षु प्रज्ञानंद की देखरेख करने वाले भिक्षु सुमन ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरु प्रज्ञानंद पिछले 2 सालों से बीमार चल रहे थे। वो सांस लेने में तकलीफ समेत वृद्धावस्था से जुड़ी कई अन्य बीमारियों से पीड़ित थे। उनका पार्थिव शरीर लखनऊ में रिसालदार पार्बुक के बुद्ध विहार में दर्शन के लिए रखा गया है।  


आपको बता दें कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर सन 1948 और 1951 में लखनऊ आगमन के दौरान रिसालदार पार्क के बुद्ध विहार में आए थे। इसी दौरान उन्होंने भिक्षु प्रज्ञानंद से बौद्ध धर्म अपनाने की इच्छा जाहिर की थी। बाबा साहब को बोद्ध धर्म की दीक्षा भंते बोधानंद को देनी थी, लेकिन उनकी अचानक मौत होने की वजह से ये जिम्मेदारी भंते चंद्रमणि महाथेरो को सौंपी गई थी। 14 अक्टूबर 1956 को नागपुर स्थित दीक्षा भूमि पर बौद्ध भिक्षु चंद्रमणि महाथेरो ने प्रज्ञानंद समेत 7 भिक्षुओं के साथ मिलकर बाबा साहब अंबेडकर और उनकी पत्नी को बौद्ध धर्म की दीक्षा दिलाई थी। इन सभी सातों बौद्ध भिक्षुओं में अंतिम प्रज्ञानंद ही अभी तक जीवित थे।


ओम प्रकाश
ओम प्रकाश
ब्यूरो चीफ
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