img

उत्तरप्रदेश- बाराबंकी में महिला पत्रकार से गैंगरेप, महिला के पति ने कुछ दिन पहले किया था एसपी का स्टिंग

योगी आदित्यनाथ के दलित, मुस्लिम और महिला विरोधी राज में एक और शर्मसार कर देने वाली घटना जुड़ गई है,  जहाँ एक महिला पत्रकार के साथ गैंगरेप हुआ। पीड़िता थानों से लेकर कोतवाली के चक्कर लगाती रही, मगर सुनवाई नहीं हुई। सोशल मीडिया के जरिए मामला सामने आया तो पुलिस पर दबाव बना। पांच दिन बाद मामले में एफआईआर दर्ज की गई। यह घटना बाराबंकी जिले में 12 अप्रैल को हुई थी। महिला का पति भी पेशे से पत्रकार है। वह भी इस मामले में कार्रवाई को लेकर दर-दर भटकता रहा। मगर समय पर प्रशासन ने सुध नहीं ली।


पीड़िता के पति ने इस घटना के कुछ दिनों पहले बाराबंकी के पूर्व एसपी का स्टिंग ऑपरेशन किया था, जिसमें उन पर गंभीर आरोप लगे थे। स्टिंग चलवाने के बाद पीड़िता के पति को जेल की हवा खानी पड़ी थी। साथ ही, पत्रकार पति के भाई को भी जेल जाना पड़ा था। पीड़िता का पति फिलहाल जमानत पर बाहर है, जबकि उसका भाई जेल में है। पुलिस ने जानकारी पर गैंगरेप का मामला दर्ज कर लिया है।

पीड़िता का आरोप है कि 12 अप्रैल को वह बाराबंकी गई थी। वापस लौटते वक्त रात के आठ बज गए थे। सफेदाबाद होकर गांव जा रही थी। रास्ते में उसे सफेदाबाद के रहने वाले सुनील गुप्ता, राम सागर गुप्ता और एक अन्य शख्स मिले थे। अकेला पाकर वे तीनों उन्हें तमंचे के बल पर पास के जंगल ले गए, जहां उन्होंने उसके साथ बारी-बारी से बलात्कार किया।

वारदात के बाद आरोपी उसकी सोने की चेन और करीब 1350 रुपए लेकर फरार हो गए। महिला इसके बाद किसी तरह घर पहुंची, जिसके बाद उसने परिजन को इस बारे में बताया। 14 अप्रैल को उसने पुलिस समेत सूबे के सीएम को इस संबंध में कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र भेजा। मगर तीन दिनों तक उसे स्वीकार नहीं किया गया।

दंपत्ति की जब नहीं सुनी गई तो एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने इस मामले को सोशल मीडिया साइट पर उठाया। सामाजिक कार्यकर्ता का पोस्ट वायरल होने के बाद मामला पुलिस के सामने आया। तहसील दिवस पर एसपी बाराबंकी ने प्रार्थना पत्र का संज्ञान लिया और गैंगरेप का मामला दर्ज करने के आदेश दिए। हालिया घटना से पहले पति ने बाराबांकी के पूर्व एसपी अनिल कुमार सिंह का स्टिंग ऑपरेशन किया था। यही वजह है कि उसे पूर्व में सलाखों के पीछे भी जाना पड़ा था। बाराबंकी के पूर्व एसपी के खिलाफ एक कॉन्स्टेबल ने तकरीबन आठ लाख रुपए लेकर स्थानीय थानों में पुलिसकर्मियों की पोस्टिंग कराने का आरोप लगाया था।

महिला पत्रकार के पति ने इसी मसले से जुड़ा स्टिंग अपने चैनल पर तीन से चार बार चलावाया था, जिसके बाद उसे और उसके भाई को जेल जाना पड़ा। स्टिंग के बाद एसपी का ट्रांसफर कर दिया गया था।

मुख्य संवाददाता
मुख्य संवाददाता
मुख्य संवाददाता
PROFILE

' पड़ताल ' से जुड़ने के लिए धन्यवाद अगर आपको यह रिपोर्ट पसंद आई हो तो कृपया इसे शेयर करें और सबस्क्राइब करें। हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं। हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।

संबंधित खबरें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

0 Comments

मुख्य ख़बरें

मुख्य पड़ताल

विज्ञापन

संपादकीय

वीडियो

Subscribe Newsletter

फेसबुक पर हमसे से जुड़े