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बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के 62वें महापरिनिर्वाण दिवस पर कृतज्ञ राष्ट्र ने दी श्रद्धांजलि

आधुनिक भारत के निर्माता और शोषितों,बहुजनों के मसीहा परमपूज्य बोधिसत्व बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को उनके 62वें महापरिनिर्वाण दिवस पर कृतक्ष राष्ट्र ने श्रद्धांजलि अर्पित कर याद किया।   इस मौके पर देशभर में जगह-जगह तमाम राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और स्कूल-कॉलेजों में श्रद्धांजलि सभाओं और संगोष्ठियों का आयोजन हुआ और बाबा साहब के संघर्षमयी जीवन पर प्रकाश डाला गया।



देश की राजधानी दिल्ली में बाबा साहब के 61वें महानिर्वाण दिवस पर दिल्ली में संसद भवन परिसर में अंबेडकर प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बाबा साहब की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस मौके पर उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत, रामदास अठावले, विजय सांपला समेत अन्य हस्तियों ने बाबा साहब के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही बहुजन समाज के तमाम सामाजिक संगठनों, सरकारी विभागों के अनुसूचित जाति-जन जाति संगठनों के पदाधिकारियों और बुद्धिजीवियों ने भी संसद भवन जाकर बाबा साहब के प्रति अपनी आस्था जताई।



लखनऊ में 6 दिसंबर को बीएसपी  के 12 माल एवेन्यू स्थित पार्टी प्रदेश कार्यालय में बाबा साहब का 62वां महापरिनिर्वाण दिवस मनाया गया। इस मौके पर बीएसपी राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान मायावती ने कहा कि बीएसपी ही गरीबों, उपेक्षितों और शोषितों की सच्ची हितैषी है। उन्होंने ये भी कहा की बीएसपी को ही बाबा साहब अंबेडकर की सच्ची अनुयायी होने का गौरव प्राप्त है।


कोलकाता में 6 दिसंबर को बाबा साहब के महापरिनिर्वाण दिवस पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बाबा साहब को श्रदांजलि दी। इस मौके पर ममता बाबा साहब डॉ. अंबेडकर को महान राष्ट्रवादी नेता बताया।



दिल्ली में देवनगर (करोलबाग) स्थित भीम ज्योति बुद्ध विहार में बाबा साहब के महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। बुद्ध विहार के संचालक श्याम बाबू जाटव जी ने जानकारी दी कि जिस पेड़ के नीचे हम ये सभा कर रहे हैं, ये ख़ुद बाबा साहब ने अपने हाथों से 1942 में लगाया था। अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि आज देश जिस दौर से गुजर रहा है, उसमें बाबा साहब के विचारों की प्रासंगिकता ओर भी बढ़ जाती है। उन्होंने ये भी कहा कि हम सभी को मिलकर बाबा साहब के विचारों को आगे बढ़ाना चाहिए।   



कार्यक्रम में जाने माने बौद्धाचार्य शांति स्वरूप जी ने भी शिरकत की और बाबा साहब द्वारा लगाए गए ऐतिहासिक पीपल के पेड़ के इतिहास और महत्व को बताया। उन्होंने बहुजन समाज और विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे आगे आएं और बाबा साहब के विचारों को आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाएं। उ्होंने जोर देते हुए कहा कि भगवान बुद्ध और बाबा साहब के मार्ग पर चलकर ही बहुजनों का कल्याण हो सकता है। आज का दिन बहुजनों के लिए खास महत्व रखता है, बाबा साहब को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब लोग उनके कहे पर चलेंगे, हिंदूू धर्म के आडम्बरों से निकलेंगे और बौद्ध धर्म को अपनाएंगे।


गौतमबुद्ध नगर जिले में नोएडा के सेक्टर 95 में स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल पर युवा शक्ति दल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर बाबा साहब को श्रद्धांजलि देकर उनके कार्यों पर प्रकाश डाला। इस मौके पर बहुजन समाज के अन्य संगठनों और बहुजन समाज के बुद्धिजीवियों ने भी राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल पहुंचकर बाबा साहब को नमन किया।  



मेरठ में भी डॉ. भीमराव अंबेडकर के 62वें महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि सभाओं, संगोष्ठियों का आयोजन किया गया। मेरठ में भी डॉ. भीमराव अंबेडकर के 62वें महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि सभाओं, संगोष्ठियों का आयोजन किया गया। भारतीय दलित विकास संस्थान ने गढ़ रोड़ स्थित के बी फर्नीचर हाउस पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया। ‘डॉ. अंबेडकर और सामाजिक परिवर्तन’ विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी की  अध्यक्षता नायब तहसीलदार रामचंद्र ने की और संचालन  संस्थान के अध्यक्ष  संचालन डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी ने किया। संचालन के दौरान डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी ने कहा कि दलित समाज नकारात्मक चीजों को त्यागे और शिक्षा से जुड़े। उन्होंने ये भी कहा कि बाबा साहब ने देश की एकता और अखंडता के साथ-साथ सामाजिक समरसता के लिए कार्य किए थे। विद्युत विभाग में तैनात एसडीओ रणवीर सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए कहा कि  बाबा साहब ने दलितों के लिए ही नहीं बल्कि संपूर्ण राष्ट्र के लिए कार्य किया। आज आवश्यकता बाबा साहब के विचारों को घर-घर तक पहुंचाने की है। उन्होंने ये भी कहा कि डॉ. भीम राव अंबेडकर एक महान व्यक्ति थे। बाबा साहब ने देश का संविधान बनाकर एक ऐतिहासिक कार्य किया। जगपाल बौद्ध ने कहा कि समाज को एक जुटता के लिए सभी को बाबा साहब के आदर्शों को अपनाना होगा। समाजसेवी रामजीवन लाल ने कहा कि युवाओं में फैल रही कुरीतियों को समूल नष्ट करने के लिए कार्य करना होगा। छात्र नेता डॉ. मनोज जाटव ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही समाज में गुणात्मक सुधार होगा। इस मौके पर अन्य वक्ताओं ने भी बाबा साहेब के मूल मंत्र शिक्षित बनो-संगठित रहो-संघर्ष करो के नारे पर चलने अपील की।  विचार गोष्ठी में राजेंद्र प्रेमी, जय पाल सिंह, चरन सिंह रामागढ़, शिक्षक नेता भारतवीर, विनोद जाहिदपुर, अशोक तेजगढ़, राजकुमार सिंह शताब्दीनगर, समाज सेविका सोनिया शर्मा, दिशा सेवा संस्थान के अध्यक्ष अमित मोहन, पत्रकार सुभाष चंद कर्दम, मोन्टू सागर, छात्र नेता अनिल, प्रेम चंद बब्बू आदि शामिल रहे। 
इसके अलावा मेरठ में बहुजन समाज पार्टी के तत्वावधान में बाबा साहब के महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि सभा और संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौक पर बीएसपी के पदाधिकारियों पश्चिमी यूपी के प्रभारी शमसुद्दीन,  पूर्व विधायक योगेश वर्मा, मेरठ की नवनिर्वाचित महापौर सुनीता वर्मा, दयाराम प्रजापति, मोहित कुमार समेत  ने अन्य वक्ताओं ने बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की और बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया 

मुख्य संवाददाता
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