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दिल्ली- धूमधाम से मनी गुरु रविदास जी की 641वीं जयंती

नई दिल्ली- बुधवार को संत शिरोमणी श्री गुरु रविदास जी का जन्मदिवस धूमधाम से मनाया गया, इस उपलक्ष्य में श्री गुरु रविदास जन्मोत्सव कमेटी ने भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया, जिसका शुभारंभ दिल्ली के लालकिला से हुआ और समापन करोल बाग के गुरु रविदास विश्राम धाम मंदिर में हुआ। 


शोभा यात्रा में हज़ारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने शिरकत की। जन्मोत्सव कमेटी के प्रधान श्री ब्रह्म प्रकाश बुलाकी ने जानकारी दी कि श्री गुरु रविदास जन्मोत्सव कमेटी इस शोभा यात्रा का आयोजन सन 1949 से लगातार करती आ रही है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग शोभा यात्रा में अपने परिवारों के साथ आते हैं और पूजनीय गुरु रविदास का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाते हैं।


शोभा यात्रा की भव्यता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि यह दो किलोमीटर से ज्यादा में लंबी थी। ये यात्रा दोपहर करीब एक बजे लालिकले के सामने ईस्पेलण्ड रोड से शुरू होकर साइकिल मार्केट, चांदनी चौक, फतेहपुरी, खारी बावली, कुतूब रोड, सदर बाजार, बाड़ा हिंदूराव, रानी झांसी रोड, ईस्ट पार्क रोड, नाईवाला, करोल बाग, आर्य समाज रोड, श्री गुरु रविदास मार्ग से होते हुए श्री गुरु रविदास विश्राम धाम मंदिर, देव नगर पहुंची। 


गुरु रविदास विश्राम धाम ट्रस्ट के प्रधान श्री धर्मवीर जी ने बताया कि विश्राम धाम प्राचीन मंदिर है और करीब छह सौ साल पहले गुरु रविदास जी जब यहां से गुजर रहे थे तो यहीं पर ठहर कर उन्होंने विश्राम किया था तभी से इस स्थान का नाम विश्राम धाम पड़ा। 


लालकिला पर शोभा यात्रा के शुभारंभ कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौत्तम ने शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हमें अपने जीवन में रविदास जी के विचारों को उतारना चाहिए और जो मार्ग उन्होंने हमें दिखाया है उस पर चलना चाहिए। रविदास जी का बताया गया मार्ग समता पर आधारित, जनकल्याण का मार्ग है।




ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिव तरूण कुमार ने जन्मोत्सव कमेटी की सराहना करते हुए कहा कि मैं पिछले छह महीने से देख रहा हूं कि इस टीम के लोग कितनी शिद्दत से काम में लगे हुए हैं और आज का कार्यक्रम और इसका मैनेजमेंट देखकर लग रहा है कि इनकी मेहनत सफल हुई है। 


बीजेपी नेता रमेश चंद्र रत्न ने कहा कि मुझे गर्व है कि मैं गुरु रविदास जी के समाज में पैदा हुआ, मैं उस समाज में पैदा हुआ जो मेहनत और ईमानदारी में विश्वास रखता है, गुरु रविदास जी ने यही संदेश पूरी दुनिया को दिया, और भारतीय संस्कृति का पताका फहराया। उन्होंने कहा कि आज हमारा समाज बिखरा हुआ है इसलिए हमें सबसे पहले आज बिखरे समाज को जोड़ना होगा।  


बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम ने कहा कि अब गुरु रविदास और अंबेडकर युग की शुरूआत हो चुकी है, आज देश जिस दौर से गुजर रहा है उसमें बाबा साहब अंबेडकर और रविदास जी की विचारधारा अपनाए जाने की सबसे ज्यादा जरूरत है। अगर ऐसा नहीं होता है तो देश फिर से गुलाम हो जाएगा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसे आयोजनों में ज्यादा से ज्यादा संख्या में जुड़ना चाहिए, इसके लिए समाज में जागरण करना होगा तभी लोग जागृत होंगे। और गुरू रविदास जी को समझेंगे। 


कांग्रेस की निगम पार्षद प्रेरणा सिंह ने कहा कि संत रविदास हमारे समाज के मसीहा हैं, आज हमारा समाज जिस मुकाम तक पहुंचा है वो रविदास जी की दी हुई सीख की वजह से ही पहुंचा है, लेकिन अभी समाज का एक बहुत बड़ा तबका ऐसा है जो गुरु रविदास जी के महत्व को नहीं समझ रहा है, हमें इस तबके को भी अपने साथ जोड़ना होगा और साथ लेकर चलना होगा। जिससे समाज का बेहतर उत्थान हो सकेगा। 


दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि मैं यहां पर आकर खुद को बहुत गौरवांवित महसूस कर रहा हूं। मेरा सौभाग्य है कि मैं यहां गुरु रविदास जी का आशीर्वाद लेने आ पाया। उन्होंने कहा कि रविदास जी ने हमें समतामूलक समाज की शिक्षा दी, एक बेहतर समाज के लिए हमें उनकी दी गई शिक्षा को आत्मसात करना चाहिए।  


दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन जी भी गुरु रविदास जी का आशीर्वाद लेने पहुंचे। उन्होंने कहा कि हमें संत रविदास जी की विचारधारा को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है, जिस समता समाज की कल्पना रविदास जी ने उस समय की थी आज उसी सोच और विचारधारा की जरूरत है। 


आम आदमी पार्टी के विधायक विशेष रवि ने रविदास जी के जीवन दर्शन पर चर्चा करते हुए कहा कि जीवन में प्रभु की भक्ति करना बहुत जरूरी है, जब तक आप प्रभु की भक्ति से नहीं जुड़ोगे तब तक आप प्रभु से नहीं जुड़ सकते। 


बीजेपी के योगेंद्र चांदोलिया ने अपनी यादें साझा करते हुए कहा कि हम बचपन से गुरु रविदास जी की शोभा यात्रा देखते हुए आ रहे हैं, लेकिन आज की शोभायात्रा में जितनी भीड़ देखी ऐसी पहले कभी नहीं देखी, उन्होंने कहा कि ये एक अच्छा संकेत हैं, इससे पता चलता है कि लोग रविदास जी को समझ रहे हैं उन्हें अपना रहे हैं। 


शोभायात्रा में पुरी दिल्ली से झाकियां आईं, जो गुरु रविदास जी के जीवन दर्शन को दर्शा रही थीं, जिनमें कला-साहित्य और संस्कृति की झलक दिख रही थीं। ज्यादातर झाकियां रविदास जी के जीवन दर्शन पर आधारित थीं। और गुरु रविदास जी के समतामूलक समाज और मानवता का संदेश दे रही थीं।   


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1 Comments

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    प्रणाम जी आपने गुरु रविदास जयन्ती की न्यूज़ बनाई बहुत अच्छी है आपका धन्यबाद , ब्रहम प्रकाश बुलाकी, प्रधान श्री गुरु रविदास जन्म उत्सव कमेटी दिल्ली

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