img

449 स्कूलों को केजरीवाल की चेेतावनी, अभिभावकों को बढ़ी फीस लौटाओ वरना होगा अधिग्रहण

नई दिल्ली, 18 अगस्त,2017, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल प्रेस कांफ्रेंस में बोलते हुए उन्‍होंने कहा कि मौजूदा दिल्ली सरकार शिक्षा को अभिन्न अंग मानती है, अब तक दो हिस्से थे सरकारी और प्राइवेट, प्राइवेट में पैसे वालों के बच्चे पढ़ते थे, और सरकारी में ग़रीबों के बच्चे पढ़ते थे, हमने इस अंतर को बहुत हद तक कम किया है,और शिक्षा प्रणाली को हर स्तर पर बेहतर करने की कोशिश की है।
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में हलफनामा देकर कहा था कि दिल्ली हाईकोर्ट द्वार बनाई गई समिति की सिफारिशें 449 स्कूल नहीं मान रहे हैं और नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, इसलिए सरकार इनको अधिग्रहण करने को तैयार है, उन्होंने कहा कि हम स्कूलों से अपील करते हैं कि वे जस्टिस अनिल देव सिंह की सिफारिशें लागू करें, यदि वे ऐसा नहीं करेंगे तो हम स्कूलों का अधिग्रहण करेंग, हालांकि हम ऐसा नहीं करना चाहते। लेकिन हम किसी भी कीमत पर स्कूलों को अभिभावकों को लूटने की नहीं देंगें।
उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जानकारी दी कि 4 दिन पहले हम लोग कारण बताओ नोटिस भेज चुके हैं, 1108 में से 544 स्कूलों ने फीस सही तरीके से नहीं वसूली है, इनमें से 44 स्कूल माइनॉरिटी के हैं, 15 स्कूलों ने पैसे वापस कर दिए हैं और 13 स्कूल बंद हो चुके हैं। इनके अलावा जो 449 स्कूल बचे हैं सिर्फ उन्हीं को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। 

मुख्य संवाददाता
मुख्य संवाददाता
मुख्य संवाददाता
PROFILE

' पड़ताल ' से जुड़ने के लिए धन्यवाद अगर आपको यह रिपोर्ट पसंद आई हो तो कृपया इसे शेयर करें और सबस्क्राइब करें। हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं। हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।

संबंधित खबरें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

0 Comments

मुख्य ख़बरें

मुख्य पड़ताल

विज्ञापन

संपादकीय

वीडियो

Subscribe Newsletter

फेसबुक पर हमसे से जुड़े