img

दलित लड़की का गैंगरेप, बदनाम करने के लिए घर के सामने लगाए पोस्टर, लड़की ने की ख़ुदकुशी

इस ख़बर को पढ़कर अगर आपका खून नहीं खौलता है, अगर आप बैचेन नहीं होते हैं तो समझ लीजिए कि आप अंदर ही अंदर मरना शुरू हो गए हैं। जिस लड़की की ये ख़बर है वो बच्ची चाहे किसी भी जात-बिरादरी समाज की हो अगर आप उसके बारे में सोचकर सिहरते नहीं हैं, और आंखों पर चढ़ा जाति का चश्मा नहीं उतारते हैं, तो समझ लीजिए कि आपका ज़मीर,आपकी आत्मा मर चुके हैं।

आख़िर क्या बीती होगी उस पिता पर जिसके सामने बलात्कारी, उसकी बेटी पर फब्तियां कसतेे होंगें, गली के गुंडे उसकी बेटी को गंदी निगाह से देखते होंगे, जब उनके घरवालों से शिकायत की गई तो वो लापरवाह बनकर उनको बढ़ावा देते रहे। अपने घर में पनाह दे रहे समाज के नासूरों पर उन्हें बिल्कुल भी शर्म नहीं आई, बलात्कार की संस्कृति मेंं ही पले बढ़े होंंगे,  और यही सिखाया जाता होगा इनके परिवारों में। क्या गारंटी है कि वे अपनी बहन-बेटियों को भी गंदी नज़रों से नहीं देखते होंगे। मैं समझता हूं, जो सड़क पर जा रही लड़की को सम्मान नहीं दे रहा है वो अपनी बहन-बेटियों को भी कभी सम्मान नहीं दे सकता।


हरियाणा  में जींद के उचाना शहर के पास पालवां गांव में गैंगरेप से परेशान 18 वर्षीय एक दलित लड़की ने अपनी जान दे दी। आरोप है कि करीब एक महीने पहले 3 लड़कों ने उस लड़की के साथ गैंगरेप किया था, घटना के बारे में लड़की ने अपने परिवार वालों को बताया था लेकिन समाज में बदनामी के डर से उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत नहीं की। जिससे बलात्कारियों की हिम्मत बढ़ गई और वे खुलेआम लड़की पर फब्तियां कसने लगे और छेड़खानी करने लगे। उनकी हिम्मत इतनी बढ़ गई कि एक दिन वे लड़की को बदनाम करने की धमकी देकर बुलाने लगे, लेकिन वह नहीं गई। जिसके बाद उन्होंने उसके घर के बाहर बदनामी से भरे पोस्टर लगा दिए। जिसे वो बर्दाश्त नहीं कर पाई और खुदकुशी कर ली। सोमवार को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने गैंगरेप, खुदकुशी के लिए उकसाने और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।
    
पीड़ित के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है जिसमें उन्होंने कहा है कि मेरी बेटी करीब एक माह पहले गांव में मंदिर के पास पानी लेने गई थी। जहां गांव के ही रहने वाले राहुल, प्रवीण और काला ने उसे दबोच लिया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। लड़की ने घर आकर अपनी मां को सारी बात बताई थी, लेकिन बदनामी के डर से हमने पुलिस में शिकायत नहीं की। लेकिन तीनों लड़कों के परिवार वालों से शिकायत कर दी थी।  हमने सोचा था कि परिवार वाले लड़कों को समझाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। तीनों लड़के घर के बाहर चक्कर काटने लगे। जब भी मेरी बेटी किसी काम के लिए घर से बाहर जाती तो वे तीनों उसके साथ छेड़खानी करते। लेकिन हम फिर भी चुप रहे।

उन्होंने बताया कि तीनों लड़के मेरी बेटी को धमकी दे रहे थे कि अगर वो उनके पास नहीं आई तो वे रेप की बात पूरे गांव में फैला देंगे। और जब वो उनके पास नहीं गई तो लड़कों ने मेरे घर के बाहर घटना की जानकारी वाला पर्चा लगा दिया। लड़कों की हरकतों से तंग आकर मेरी बेटी ने बदनामी के डर से 16 सितंबर की रात को जहर पी लिया। हम बेटी को उचाना के एक निजी अस्पताल में लेकर गए। वहां से गंभीर हालत में उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां सोमवार को सुबह उसकी मौत हो गई।

पोस्टमॉर्टम के बाद लड़की का शव परिजनों को सौंप दिया गया। थाना प्रभारी रोहताश ढुल ने बताया कि लड़की के पिता की शिकायत पर तीनों युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्हें गैंगरेप, खुदकुशी के लिए उकसाने और एससी/एसटी एक्ट के तहत आरोपी बनाया गया है। जींद के एसपी अरुण सिंह के मुताबिक, तीनों आरोपियों की तलाश की जा रही है, और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

मुख्य संवाददाता
मुख्य संवाददाता
मुख्य संवाददाता
PROFILE

' पड़ताल ' से जुड़ने के लिए धन्यवाद अगर आपको यह रिपोर्ट पसंद आई हो तो कृपया इसे शेयर करें और सबस्क्राइब करें। हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं। हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।

संबंधित खबरें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

1 Comments

  •  
    Shubham
    2017-09-20

    BC pehle police complaint karni cahiye thi

मुख्य ख़बरें

मुख्य पड़ताल

विज्ञापन

संपादकीय

वीडियो

Subscribe Newsletter

फेसबुक पर हमसे से जुड़े