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महाराष्ट्र- ऑनर किलिंग में छह दोषियों को सज़ा-ए-मौत, तीन दलित युवकों को चारा मशीन में डालकर मार डाला था लड़की के परिवार वालों ने

नासिक, 20 जनवरी 2017- स्थानीय अदालत ने ऑनर किलिंग के मामले में छह लोगों को मौत की सजा सुनाई है। पांच साल पहले साल 2013 में अहमदनगर जिले में तीन दलित युवकों की हत्या कर दी गई थी। न्यायाधीश आर. आर. वैष्णव ने छह लोगों को मौत की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर बीस-बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। और कहा कि ऐसे लोग समाज में रहने लायक नहीं हैं।

2013 में महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के सोनई में तीन दलित युवकों को क्रूरता से चारा मशीन में डालकर मार दिया गया था और उनके शव के टुकड़े-टुकड़े कर उन्हें सेप्टिक टैंक में डाल दिया गया था। इन तीनों युवकों की खता सिर्फ इतनी थी कि उनमें से एक ने उंची जाति की लड़की से प्यार कर लिया था। एक जनवरी, 2013 को हुए हत्याकांड में अदालत ने सात में से छह आरोपियों को हत्या और आपराधिक साजिश रचने का दोषी पाया है। इन्होंने तीन युवकों सचिन घारू (24), संदीप थनवर (25) और राहुल कंदारे (20) की निर्मम हत्या की थी।

पुलिस ने सचिन की हत्या के आरोप में प्रकाश दरंदले, रमेश दरंदले, पोपट दरंदले, गणेश दरंदले, अशोक फलके, अशोक नवगिरे, संदीप कुऱ्हे को गिरफ्तार किया था। इसमें से अशोक फलके को सबूतों के अभाव में रिहा कर दिया गया था। बाकी छह दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई। सचिन निम्न जाति से था और वह कॉलेज में चपरासी की नौकरी करता था। इसी काॅलेज में बीएड की पढ़ाई कर रही एक लड़की से प्यार करने लगा था। लड़की के ऊंची जाति का होने के चलते लड़की के परिवारवाले इस बात से बेहद नाराज थे और उन्हें यह शादी मंजूर नहीं थी।

1 जनवरी 2013 जनवरी को लड़की के परिवार वालों ने धोखे से सचिन और उसके दो दोस्त संदीप और राहुल को बुलाया। इसके बाद लड़की के पिता, भाई और दो चाचाओं ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर उन्हें चारा काटने वाली मशीन में डालकर बड़ी बेरहमी से मार डाला था। उसके बाद उनकी लाशों के टुकड़े करके उन्हें टॉयलेट के सैप्टिक टैंक में डाल दिया था। लड़की के भाई ने खुद तीनों की मौत की सूचना पुलिस को दी थी और कहा था कि तीनों की चारा मशीन में फंसकर मौत हो गई है। पुलिस ने भी दुर्घटना की बात स्वीकारते हुए मामला रफा-दफा कर दिया था। लेकिन दबाव के चलते मामला फिर से खुला पाया था।

मुख्य संवाददाता
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