img

एक और दलित महिला जातीय दरिंदगी की शिकार, सीकर में दबंगों ने महिला को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा

राजस्थान, 5 सितंबर 2017- देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही अपनी जनसभाओं और कार्यक्रमों के संबोधन के दौरान नए भारत यानी ‘न्यू इंडिया’ बनाने पर जोर दे रहे हों, लेकिन आज के भारत में ऐसा होता दिख नहीं रहा। क्योंकि फिर एक और दलित महिला को जातीय दरिंदगी का शिकार होना पड़ा है। ताज़ा मामला  मामला राजस्थान के सीकर जिले में दांतारामगढ़ क्षेत्र के दुल्हेपुरा गांव का है । बीते मंगलवार को दबंगों ने मामूली बात पर मानवीय हदों को पार करते हुए दलित समाज की महिला के कपड़े फाड़ दिए और उसे सरेआम निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा। फिलहाल पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है, लेकिन इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को पुलिस अभी तक गिरफ़्तार नहीं कर सकी है।

मिली जानकारी के मुताबिक दुल्हेपुरा गांव निवासी दलित समाज की महिला का बेटा और बेटी गांव के ही मंगलचंद जाट के खेत के पास पगडंडी से होकर जा रहे थे, जिससे वो बेहद खफा हो गया और उसने अपने एक संबंधी के साथ मिलकर दोनों बच्चों को बुरी तरह पीट दिया । जब दोनों बच्चों की पिटाई की खबर मिलने पर महिला उन्हें छुड़ाने पहुंची तो दबंगों ने उसे भी पकड़ लिया और बेरहमी से घसीटते हुए बाजार में ले आए। जहां दबंगों ने पहले तो महिला के कपड़े फाड़ दिए। इतना ही नहीं दबंगों ने बेशर्मी की सारी सीमाओं को लांघते हुए महिला को सरेआम निर्वस्त्र कर लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा और जाति सूचक भद्दी-भद्दी गालियां भी दीं। भरे बाजार में दरिंदगी की ये शर्मनाक घटना होते देख वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह महिला को दबंगों के चंगुल से छुड़ाया। बाद में पीड़ित महिला ने दांतारामगढ़ थाने में पहुंच कर आरोपियों के खिलाफ़ तहरीर दी और न्याय की गुहार लगाई। फिलहाल पुलिस ने आरोपी मंगलचंद जाट और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज लिया है और पुलिस उपाधीक्षक को जांच का जिम्मा सौंपा गया है ।

इस मामले में पुलिस उपाधीक्षक की जांच रिपोर्ट कब आएगी और उसका परिणाम क्या होगा ये तो वक्त ही बताएगा । लेकिन पुलिस की शुरुआती कार्रवाई और कार्य शैली को देखकर सवाल उठने स्वभाविक हैं, क्योंकि ऐसी घिनौनी वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी आखिर अभी तक पकड़े क्यों नहीं गए ?  बाहर के मामलों को छोड़कर जरा ऐसे मामलों पर भी ध्यान दीजीए मोदी जी। क्या जातिवाद को खत्म किए बिना बन पाएगा 'न्यू इंडिया'। पूरे देश में आपका राज है और सबसे ज्यादा दलित उत्पीड़न की ख़बरें भी बीजेपी शासित राज्यों से आ रही हैें। फिर दोषी कौन हुआ। किसे कहा जाएगा जातिवाद का पोषक और समर्थक। आप बहुत संवेदनशील हैं लेकिन जब आप के राज्यों से ही ऐसी खबरें आती हैं तो आपकी संवेदनशीलता कटघरे में खड़ी हो जाती है।

रामकेश मीणा
रामकेश मीणा
ब्यूरो चीफ
PROFILE

' पड़ताल ' से जुड़ने के लिए धन्यवाद अगर आपको यह रिपोर्ट पसंद आई हो तो कृपया इसे शेयर करें और सबस्क्राइब करें। हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं। हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।

संबंधित खबरें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

0 Comments

मुख्य ख़बरें

मुख्य पड़ताल

विज्ञापन

संपादकीय

वीडियो

Subscribe Newsletter

फेसबुक पर हमसे से जुड़े