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यूपी में दबंगों को नहीं है कानून का डर, गाजीपुर में जमीन कब्जाने के लिए विधवा महिला को जिंदा दफनाया

यूपी सरकार भले ही कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए ‘यूपीकोका’ जैसे कानून बनाने में जुटी है, लेकिन दबंग इससे पूरी तरह बेखौफ हैं। जिसका ताजा उदाहरण गाजीपुर जिले में देखने को मिला है। यहां दबंगों ने जमीन पर कब्जा करने के इरादे से एक विधवा महिला को पहले बुरी तरह पीटा और फिर उसे जिंदा मिट्टी में दबा दिया। हालांकि महिला को बाहर निकाल कर अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।  

गाजीपुर जिले में सदर कोतवाली क्षेत्र के नौरंगाबाद गांव में दबंगों ने मानवता को शर्मसार करने वाली एक घिनौनी और सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक चक अब्दुलवहाव गांव से विधवा महिला बासमती को जबरन कार में डाल कर नौरंगाबाद लेकर आ गए। दबंगों ने पहले महिला को बुरी तरह मारपीट कर अधमरा कर दिया और फिर उसे सर्द भरी रात में ही मिट्टी के अंदर जिंदा दफना दिया।

अगले दिन सुबह उधर से निकल रहे ग्रामीणों ने मिट्टी के ढेर से कराहने की आवाज़ सुनी तो वो ये खौफनाक नजारा देखकर हतप्रभ रह गए। उन्होंने तुरंत 100 पर फोन करके पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों की मदद से महिला को मिट्टी के ढेर से निकाल कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार पीड़ित महिला के शरीर में गुम चोट लगी है और उसके एक पैर की हड्डी टूट गई है।

पीड़ित महिला बासमती ने दबंगों पर अपनी जमीन पर कब्जा करने के लिए जान से मारने का आरोप लगाया है। पीड़ित महिला का ये भी आरोप है कि दबंगों की तरफ से कछ प्रभावशाली लोगों ने जिला अस्पताल पहुंचकर समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है। पीड़ित महिला का कहना है कि अस्पताल पहुंचने वाले प्रभावशाली लोगों ने उसे दस हजार रुपये नकद देने और इलाज का खर्चा उठाने का लालच भी दिया गया और ऐसा न करने पर उसके बेटे को जान से मारने की धमकी भी दी गई है।

वैसे तो पुलिस ने ग्रामीणों से फोन पर घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचने में देर नहीं की, लेकिन उसके बाद मामले में जांच की बात कह कर अपना पल्ला झाड़ लिया है। जबकि आरोपी दबंग अब भी खुलेआम घूम रहे हैं। खैर इस मामले में पुलिस क्या कार्रवाई करती है, ये तो उसकी जांच रिपोर्ट आने पर ही तय होगा। लेकिन पीड़ित बासमती का परिवार इस दर्दनाक घटना से बेहद सहमा हुआ है और पुलिस-प्रशासन से न्याय की उम्मीद लगा रहा है।   

मुख्य संवाददाता
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