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मायावती ने नोटबंदी का एक साल पूरा होने पर मोदी सरकार पर साधा निशाना, कहा बीजेपी को 8 नवंबर का दिन ‘नोटबंदी माफी दिवस’ के रूप में मनाना चाहिए

देश में नोटबंदी के एक साल पूरा होने पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। मायावती ने मोदी सरकार और बीजेपी को सलाह देते हुए कहा कि बीजेपी को ये दिन एंटी ब्लैक मनी डे मनाने के स्थान पर केवल नोटबंदी माफी दिवस के रूप में मनाना चाहिए, जो ज़्यादा बेहतर होगा।  

लखनऊ में बुधवार को मीडिया से बात करते हुए मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज से एक साल पहले अति जल्दबाजी और काफी अपरिपक्व तरीके से 500 और 1000 हजार रुपये की नोटबंदी का आपातकाल लागू किया था, जिससे देश की लगभग सवा सौ करोड़ गरीब, किसान और अन्य मेहनतकश आम जनता को अभूतपूर्व तंगी और संकट में डालने के दुष्परिणाम के कारण ये फैसला भारत के इतिहास का एक काला अध्याय साबित हुआ है। मायावती ने ये भी कहा कि मोदी सरकार की मनमानी और निरंकुश रवैये के कारण ही देश एक प्रकार से आपातकाल के संकटकालीन दौर से गुजर रहा है, जिससे मुक्ति प्राप्त करने के लिए लोगों को इनकी तरफ से फैलाई गई भावानाओं के मकड़जाल से मुक्त होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि वैसे तो नोटबंदी का फैसला दिखावटी तौर पर देशभर में व्याप्त व्यापक भ्रष्टाचार और कालेधन को समाप्त करने के लिए लिया गया था, परन्तु इससे आम जनता ज्यादा प्रभावित हुई है और ज़्यादातर दंडित, प्रताड़ित करने वाला सरकारी भ्रष्टाचार हर स्तर पर कम होने के बजाय काफी बढ़ा है। लोगों को अपना कोई भी सरकारी काम कराने के लिए भ्रष्टाचार की बलि चढ़ना पड़ता है। वरना उसके बिना उनका मामूली काम भी सही समय पर होना मुश्किल ही नहीं बल्कि असंभव है।

मायावती ने ये भी कहा कि बीजेपी एंड कंपनी और ख़ास बड़े लोगों के भ्रष्टाचार, गैर कानूनी और अनुचित कार्यों का एक के बाद एक प्रदाफाश होने से अब मोदी सरकार का भ्रष्टाचार का भंडा भी लगातार फूटता जा रहा है। जिसका ताजा प्रमाणा पैराडाइज पेपर मामला हमारे सामाने है। भ्रष्टाचार के इस मामले में भी मोदी सरकार और बीजेपी की चुप्पी और निष्क्रियता अब रहस्य नहीं रही है, क्योंकि ऐसे हर मामले में मोदी सरकार मौनव्रत पर चली जाती है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि नोटबंदी से कई प्रकार के भ्रष्टाचार के श्रोतों का जन्म हुआ है, जिसका लाभ बीजेपी एंड कंपनी के करीबी और चहेतों ने ही उठाया है।    

ओम प्रकाश
ओम प्रकाश
ब्यूरो चीफ
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