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मोदी सरकार की नाक के नीचे हुआ बैंक महाघोटाला और सरकार सोती रही- मायावती

बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री ने पीएनबी घोटाले को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। मायावती ने दिल्ली से जारी पार्टी की विज्ञप्ति में कहा कि मोदी सरकार की नाक की नीचे 20 हजार करोड़ का बैंक महाघोटाला हो गया और सरकार सोने का बहाना करती रही। यह कैसी जन हितैषी सरकार है। उन्होंने कहा कि इससे दो अहम प्रश्न उठते हैं कि मोदी द्वारा देश को दिए गए इस आश्वासन का क्या हुआ कि ‘ना खायेंगे और ना खाने देंगे’ इसके अलावा दूसरा यह कि ‘जनधन योजना’ के अन्तर्गत करोड़ों ग़रीबों और मेहनतकश लोगों की गाढ़ी कमाई के रुपया क्या अपने चहेते उद्योगपतियों और धन्ना सेंठों को ग़बन करने के लिये ही सरकारी बैंकों में जमा कराया गया था?   

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने ये भी कहा कि क्या ’अच्छे दिन’ लाने और विदेशों से काला धन वापस लाकर ग़रीब परिवारों में 15 से 20 लाख रुपये बांटने की तरह वे आश्वासन देश की सवा सौ करोड़ आम जनता को ठगने के लिये बीजेपी सरकार की केवल जुमलेबाजी थी?   

बीएसपी सुप्रीमो मायवाती ने 12 हजार करोड़ पीएनबी महाघोटाले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार का क्या इसे ही अपना गुड गवर्नेंस मानेगी की उसके चहेते उद्योगपति देश के धन को लूटकरऔर बड़े धन्ना सेठ बनते रहे और बीजेपी सरकार उन्हें अपनी गोद में बैठाये फिरती रही। उन्होंने कहा कि वास्तव में मोदी सरकार एक तरफ अपनी अलोकतांत्रिक सोच के हिसाब से काम करते हुये देश को ’विपक्ष-मुक्त’ बनाने के लिये ईडी,सीबीआई और आयकर विभाग आदि सरकारी मशीनरी का खुलकर दुरुपयोग करती रही, जबकि दूसरी तरफ इनके धन्नासेठ प्रियपात्रों के लिये सरकार द्वारा बेईमानी और अनैतिकता के दरवाजे खोल दिये गये।

मायावती ने ये भी कहा कि इस प्रकार देश में जनहित व जनकल्याण की संवैधानिक जि़म्मेदारी को पूरी तरह से भुलाकर धन्नासेठों के लिये ही पलकें बिछाने का काम मोदी सरकार द्वारा किया जाता रहा है और अन्ततः इसका नतीजा ये हुआ है कि धन्ना सेठों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है तथा गरीब, किसान और बेरोजगार युवा हर प्रकार से बदहाली का जीवन जीने को मजबूर हो रहे हैं।   

मायावती ने कहा कि सीबीआई के मुताबिक ज्यादातर घोटाला सन 2017-18 अर्थात चालू वर्ष में हुआ है तो क्या इस सनसनीखेज बैंकिंग महाघोटाले के लिये मोदी सरकार कोई ज़िम्मेदारी अपने ऊपर लेकर इसके मुख्य दोषियों के ख़िलाफ सख़्त कार्रवाई करने की हिम्मत रखती है ताकि बैंकिंग व्यवस्था में जनता का विश्वास बहाल हो सके? उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर क्या कारण है कि देश में अरबों-खरबों रुपयों का घोटाला करने वाले धन्ना सेठों जैसे ललित मोदी, विजय माल्या और नीरव मोदी एण्ड कम्पनी आदि के लोगों को बड़ी आसानी से देश छोड़कर विदेश भाग जाने दिया जाता है? क्या मोदी सरकार और बीजेपी एण्ड कंपनी ऐसे जघन्य अपराधों में भी यही जवाब देगी कि हम चुनाव जीत रहे हैं,  इसलिये ऐसे कामों के लिये भी जनता का समर्थन हमें प्राप्त है?’

मायावती ने ये भी कहा कि इस प्रकार ‘देश लूट’ की घटनाओं से ये साफ तौर पर स्पष्ट है कि देश में नई टेकनोलॉजी और आधार कार्ड आदि का इस्तेमाल केवल ग़रीबों,मज़दूरों, छोटे व्यापारियों और किसानों आदि को हर तरह से परेशान करने के लिए ही किया जा रहा है, जबकि बड़े-बड़े उद्योगपति, धन्ना सेठों को हर प्रकार से देश को लूटने की छूट दे दी गयी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को चाहिये कि सरकार के स्तर पर तुरन्त ही जि़म्मेदारी तय करें और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।  

बीएसपी सुप्रीमों ने कहा कि इस प्रकार के आर्थिक महाघोटालों और अर्थव्यवस्था में मजबूती के बीजेपी सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद रोजगार के अवसर उपलब्ध नहीं होने आदि से यह साफतौर पर लगता है कि मोदी सरकार में सरकारी व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और अपनी घोर और घातक विफलता पर से लोगों का ध्यान बांटने के लिये ही धार्मिक मुद्दे और सांप्रदायिक उन्माद आदि फैलाने का काम देश भर में बीजेपी और आरएसएस एण्ड कंपनी द्वारा किया जा रहा है, परन्तु जनता अब इनकी ये सब राजनैतिक तिकड़म और पैंतरेबाजी को खूब अच्छी तरह से समझने लगी है और इनके बहकावे में नहीं आ रही है।

मुख्य संवाददाता
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