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यूपी में बढ़ा दलित महिलाओं पर अत्याचार- सरकार ने दी रिपोर्ट


नई दिल्ली- हाल ही में दिल्ली में सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय की बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक रिपोर्ट दी। रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति की महिलाओं पर अत्याचार के मामलों में बढ़ोतरी हुई हैं। अनुसूचित जाति के लोगों की हत्या के मामलों में भी इजाफा हुआ है, लेकिन अनुसूचित जाति की महिलाओं के साथ बलात्कार में ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है, बलात्कार के प्रयास का आंकड़ा तकरीबन तीन गुना बढ़ा है।

2015 के मुकाबले 2016 में दलित महिलाओं पर अत्याचार के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साल 2015 में जहां रेप के 444 मामले प्रदेश में दर्ज किए गए थे, वहीं 2016 में दर्ज मामलों की संख्या 557 पहुंच गई। इसके अलावा बलात्कार के प्रयास के 77 मामले दर्ज किए गए जबकि साल 2015 में यह आंकड़ा महज 22 था। यौन उत्पीड़न के मामलों में भी इजाफा दर्ज किया गया है।

2016 में 874 मामले दर्ज किए गए हैं जबकि साल 2015 में 704 मामले दर्ज किए गए थे। इस तरह के मामलों में हो रहे इजाफे पर केंद्र सरकार ने हाल में दिल्ली में एक बैठक की। इसमें प्रदेश सरकार की तरफ से समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने अनुसूचित जाति पर बढ़ रहे अत्याचारों की रिपोर्ट और सरकार का पक्ष रखा।

रिपोर्ट के मुताबिक साल 2015 में अनुसूचित जाति पर अत्याचार के कुल 8,460 मामले दर्ज किए गए थे जबकि साल 2016 में आपराधिक मामलों का आंकड़ा बढ़कर 10,492 हो गया।

दिल्ली में हुई इस बैठक में केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति पर ज्यादा उत्पीड़न वाले प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि पीड़ितों के रहने और खाने की भी व्यवस्था सरकार करे। अभी तक दलित उत्पीड़न के मामलों में प्रदेश सरकारें आर्थिक मदद देती रही हैं।  

मुख्य संवाददाता
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