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डीयू के बुद्धिस्ट विभाग ने 90% छात्रों को किया फेल, 15 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की सुध लेने वाला कोई नहीं

दिल्ली विश्वविद्यालय आर्ट फैकल्टी के सामने बुद्धिस्ट विभाग के छात्र पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनका कहना है कि विभाग में 547 में से 446 बच्चों को फेल कर दिया गया है। इनमें करीब 70 फीसदी छात्र आरक्षित वर्ग से हैं। विभाग के एचओडी और विश्वविद्यालय प्रशासन पर पक्षपात और अनियमितता का आरोप लगाते हुए छात्रों का कहना है कि वे विभाग की अंदरूनी राजनीति का शिकार हो रहे हैं। जिसके लिए सीधे तौर पर विभागाध्यक्ष डॉ.के.टी.एस. सराव जिम्मेदार हैं।

  

डॉ.के.टी.एस. सराव इसी साल फरवरी में ही विभागाध्यक्ष बने हैं, जिसके बाद से वे लागातार छात्रों को परेशानी में डालने वाले कदम उठा रहे हैं। इससे पहले छात्रों को मार्च में और जुलाई में भी भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा था। बुद्धिस्ट विभाग के छात्र दीपांशु का कहना है कि विभागाध्यक्ष डॉ. के.टी.एस. सराव बुद्धिज़्म का इतिहास पढ़ाते हैं, और वे चाहते हैं कि ज्यादातर छात्र उन्हीं का विषय (इतिहास) ही पढ़ें। जिसके लिए उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर दूसरे विषयों की भी कॉपियां जांचीं और उनमें ज्यादातर छात्रों को (बेक) फेल कर दिया। जबकि होना ये चाहिए था कि जिन्होंने जो विषय पढ़ाए हैं, वही उस विषय की कॉपियां जांचते।

  

छात्र नेता आशीष सिंह का कहना है कि करीब 90 फीसदी छात्रों का फेल हो जाना काफी हैरान करने वाला है लेकिन विभाग तो छोड़िए दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन भी मामले की सुध नहीं ले रहा। छात्रों का कहना है कि न तो डूसू पदाधिकारियों ने, और न ही किसी छात्र संगठन ने उनका हाल जानने की कोशिश की, जबकि अभी विश्वविद्यालय में चुनाव का माहौल चल रहा है। और सभी छात्र संगठन प्रचार में लगे हैं लेकिन उनके पास आकर उनकी समस्या जानने की ज़हमत किसी ने नहीं उठाई। पड़ताल की टीम ने विभागाध्यक्ष डॉ. के.टी.एस. सराव से पर्सनली और फोन पर भी बात करने की कोशिश की लेकिन दोनों बार टाल दिया गया और उनसे संपर्क नहीं हो सका।  

विभाग के छात्र हेमंत आरोप लगाते हुए कहते हैं कि इतनी बड़ी संख्या में छात्रों को फेल करने के लिए विभाग सीधे तौर पर जिम्मेदार है। जो साजिश के तहत किया गया है। इसके अलावा विभागाध्यक्ष का रवैया शुरू से ही पक्षपातपूर्ण और जातिवादी रहा है। अनुर्त्तीण किए गए छात्रों में ज्यादातर छात्र एससी/एसटी/ओबीसी वर्ग से हैं। छात्रों का कहना है कि सराव नहीं चाहते कि विभाग बना रहे, क्योंकि इस विभाग में ज्यादातर पढ़ाई करने वाले छात्र एससी/एसटी/ओबीसी वर्ग से आते हैं। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का आरोप है कि उन्हें  फोन पर लगातार यहां से टेंट समेत उठाने की धमकी मिल रही है, जिसकी शिकायत थाने में दर्ज करा दी गई है। अब उन्हें पुलिस ने सुरक्षा भी प्रदान कर दी है।  


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