img

हे ईश्वर, हे अल्लाह... ये हेट किलिंग ना हो.....

दक्षिणी दिल्ली के बेगम पुर में मामूली झगड़े में आठ साल के बच्चे का मारा जाना बहुत ही खौफ़नाक है। ईश्वर या अल्लाह से यही दुआ की जा सकती है कि ये 'हेट किलिंग' ना हो। ये बड़ों की नफरत का नतीजा ना हो।  

पुलिस का कहना है कि 25 अक्टूबर की सुबह एक मैदान में खेलने को लेकर कुछ बच्चों की लड़ाई हुई। इसी झगड़े में मोहम्मद अजीम नाम के एक बच्चे की मौत हो गई। अजीम का परिवार मेवात जिले के रीछड़ गांव का रहने वाला है। 2017 में उन्होंने अजीम का दाखिला इस मदरसे में कराया था। अजीम की हत्या के आरोप में पुलिस ने चार लड़कों को हिरासत में लिया है। ये चारों बच्चे करीब 11-12 साल के हैं। इन्हें जुवेनाइल होम भेज दिया गया है। 

पुलिस के मुताबिक, जिस मदरसे में अजीम पढ़ता था, उसके ही बाहर एक मैदान है. इसी में खेलने को लेकर लड़कों की झड़प हुई. दो गुट थे लड़ाई में. दोनों तरफ तकरीबन पांच-छह लड़के थे. दोनों गुट अलग-अलग धर्मों के थे. इन सबकी उम्र आठ से 12 साल के बीच थी. लड़ाई के दौरान दूसरे पक्ष के एक लड़के ने अजीम को धक्का दिया. वहीं पास में एक बाइक खड़ी थी. अजीम का सिर उस बाइक से जा टकराया. वो बेहोश हो गया. उसे अस्पताल ले जाया गया. मगर तब तक अजीम की मौत हो चुकी थी।

पुलिस ने जानकारी दी की जिस मदरसे में अजीम पढ़ता था, उसके बाहर एक मैदान है, इसी में खेलने को लेकर लड़कों मदरसे के बच्चों की झड़प पास ही की झुग्गी बस्ती में रहने वाले बच्चों से हुई। दोनों तरफ तकरीबन पांच-छह लड़के थे। दोनों गुट अलग-अलग धर्मों के थे। लड़ाई के दौरान दूसरे पक्ष के एक लड़के ने अजीम को धक्का दिया, जिससे अजीम का सिर एक खड़ी बाइक से जा टकराया। और वो बेहोश हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

दूसरी ओर मदरसे की देखभाल करने वाले मौलाना अली जौहर का कहना है कि मदरसे के तीन-चार बच्चे पास के मैदान की सफाई कर रहे थे। इनमें अजीम भी शामिल था। इसी दौरान पास की झुग्गी बस्ती में रहने वाले कुछ बच्चे वहां आए। उन्होंने मदरसे के बच्चों पर पत्थर फेंका। मदरसे के बच्चों ने विरोध किया तो उन बच्चों ने मदरसे के बच्चों के साथ झगड़ा शुरू कर दिया, और उन्हीं में से किसी ने अजीम को धक्का दिया और वो पास खड़ी एक बाइक से जा टकराया। मौलाना का कहना है कि वो मदरसे में ही थे। मगर उन्हें कोई शोर नहीं सुनाई दिया तो उन्हें झगड़े का पता ही नहीं चला। 

मौलाना के मुताबिक, मदरसे की एक दीवार टूटी हुई है। इस वजह से लोग वहां से आते-जाते हैं। आए दिन लड़ाई होती है। उनका आरोप है कि यहां लोग शराब की बोतलें फैंक जाते हैं, और नशा भी करते हैं। जिसकी वजह से यहां आए दिन झगड़े होते रहते हैं। हमारे ऊपर डर की एक तलवार सी लटकी रहती है।

जिस मैदान पर खेलने को लेकर ये फसाद हुआ, उसके ऊपर काफी समय से विवाद चल रहा है। मदरसा इसे अपनी जमीन बताता है। जबकि इस इलाके के लोग कहते हैं कि ये सरकारी जमीन है। इसके मालिकाना हक का मामला फिलहाल अदालत में है।


' पड़ताल ' से जुड़ने के लिए धन्यवाद अगर आपको यह रिपोर्ट पसंद आई हो तो कृपया इसे शेयर करें और सबस्क्राइब करें। हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं। हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।

संबंधित खबरें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

0 Comments

मुख्य ख़बरें

मुख्य पड़ताल

विज्ञापन

संपादकीय

वीडियो

Subscribe Newsletter

फेसबुक पर हमसे से जुड़े