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तमिलनाडु- बहुचर्चित दलित हत्याकांड में छह को फांसी

तमिलनाडु- तिरुपुर में ऑनर किलिंग मामले में स्थानीय अदालत ने मंगलवार को 6 लोगों को फांसी की सजा सुनाई। बीते साल तिरूपुर में दलित समुदाय के युवक वी शंकर की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। शंकर पर हुए इस हमले में उसकी पत्नी कौशल्या को भी गंभीर चोटें आई थीं।

अदालत ने कौशल्या के पिता समेत पांच अन्य को मौत की सजा सुनाई, लेकिन कौशल्या की मां, चाचा और एक 16 वर्षीय किशोर को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। शेष दो अभियुक्तों में, स्टीफनधनराज को आजीवन कारावास और मानिकंदन को पांच साल के सश्रम कारावास की सजा की सुनाई गई है।  

यह हमला कौशल्या के पिता ने करवाया क्योंकि वो इस शादी से खुश नहीं थे, क्योंकि शंकर दलित समुदाय से ताल्लूक रखता था जबकि कौशल्या जमींदार कहे जाने वाली थेवर जाति से ताल्लुक रखती है। इसलिए उसके पिता ने इस अंतरजातीय विवाह का विरोध किया था। दोनों ने आठ महीने पहले घर से भागकर शादी की थी। पुलिस ने इस हत्या में 11 लोगों को हिरासत में लिया था, जिसमें कौशल्या के माता-पिता चिन्नास्वामी और अनलक्ष्मी और उनके मामा पांडिदुरै शामिल थे। इन लोगों पर 7 अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किया गया था।  

आपको बता दें कि यह घटना पिछले साल 13 मार्च 2016 को उस समय हुई जब 22 वर्षीय वी शंकर अपनी पत्नी कौशल्या के साथ टहल रहा था। शंकर इंजीनियरिंग का छात्र था। स्थानीय मीडिया में आए सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, उसी समय वहां बाइक से तीन लोग पहुंचे। उन्होंने धारदार हथियारों से शंकर पर हमला कर दिया। इसके बाद अज्ञात हमलावरों ने उसकी पत्नी को भी निशाना बनाया।  

मुख्य संवाददाता
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