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जिस देश में 100 रुपए के राशन के लिए गरीब आदमी को 110 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है

छत्तीसगढ़- देश को आजाद हुए 70 साल बीत चुके हैं, और हम अपनी आधुनकिता का बखान करते नहीं थकते हैं। लेकिन देश का एक बहुत बड़ा वर्ग ऐसा भी है जिसके लिए आजाद देश या फिर देश का कोई मतलब नहीं है। आज भी दंतेवाड़ा के ढेरों गांवों को सरकारी राशन के लिए 110 किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ता है। इन ग्रामीणों को इतनी लंबी दूरी तय करने पर ही 35 किलो चावल 35 रुपए,  दो  किलो शक़्कर 26  रुपए, दो लीटर मिट्टी तेल 36  रुपए, दो किलो नमक दो रुपए और एक किलो चना 11 रुपए में मिलता है।

ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत NHRC से की थी। NHRC ने चार हफ्ते में छत्तीसगढ़ सरकार से जवाब मांगा है कि ग्रामीणों को अनाज के लिए या तो जिला मुख्यालय या फिर ब्लॉक मुख्यालय तक जाना होता है, जहां आने-जाने के लिए करीब 110 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ता है।

इन गांवों में पहुंचने के लिए आज भी कोई रास्ता नहीं है। लिहाजा ग्रामीणों के 110 रुपये के अनाज के लिए 110 किलोमीटर का रास्ता पैदल ही तय करना पड़ता हैं। NHRC ने छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस दिया है और पूछा है कि सूबे में ऐसे कितने गांव हैं, जहां लोगों को राशन के लिए सैकड़ों किलोमीटर चलना होता है। NHRC ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर ग्रामीणों की फरियाद सुनने के लिए कहा है और चार हफ्ते के अंदर इसका जवाब मांगा है।  

मुख्य संवाददाता
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