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दिल्ली- 108 फीट ऊंची हनुमान की मूर्ति हो सकती है एयरलिफ्ट, हाईकोर्ट ने दिया री-लोकेट करने का सुझाव

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली में अवैध निर्माणों को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि दिल्ली वालों का माइंडसेट बन गया है कि कुछ भी करो,कुछ होने वाला नहीं है। उन्होंने प्रशासनिक अमले को लताड़ते हुए कहा कि वे सेंट्रल दिल्ली में अतिक्रमण हटाने के लिए करोल बाग में लगी 108 फुट ऊंची हनुमान प्रतिमा को एयरलिफ्ट करके दूसरी जगह लगाने की संभावनाएं तलाश करें। 

उन्होंने अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका में कई गगनचुंभी इमारतों को अपनी जगह से हटाकर दूसरी जगह री-लोकेट किया जा चुका है। यदि सिविक बॉडीज किसी एक जगह पर कानून का पालन करके दिखा दें तो दिल्ली वालों के माइंडसेट में अंतर दिखने लगेगा। निगम निकायों को कई बार मौका दिया जा चुका है, लेकिन कोई ऐसा करना ही नहीं चाहता। 

चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी. हरिशंकर की बेंच ने प्रशासन से कहा कि वे एलजी से बात करें और हनुमान की मूर्ति को एयरलिफ्ट करने के बारे में विचार करें।  हाईकोर्ट की ओर से यह सुझाव उस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया गया, जिसमें करोल बाग इलाके में अवैध निर्माणों और अतिक्रमण को हटाने का निर्देश देने की मांग की गई है। यह मुद्दा तब सामने आया, जब स्थानीय निकायों ने हाई कोर्ट से संबंधित इलाके के एक थाने से जुड़े आदेश में संशोधन की मांग की, जिसमें 15 नवंबर तक अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था। आदेश में संशोधन करते हुए बेंच ने अगली सुनवाई के लिए 24 नवंबर की तारीख तय कर दी।   

आपको बता दें कि 108 फीट ऊंचे हनुमान जी का मंदिर दिल्ली के व्यस्ततम इलाकों में से एक करोल बाग में मेन रोड पर  बना हुआ है। और मंदिर की आड़ में आपसपास लोगों ने अतिक्रमण किया हुआ है, जिसकी वजह से वहां से गुजरने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और घंटों ट्रैफिक जाम में फंसना पड़ता है।  

मुख्य संवाददाता
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